भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन और नौजवान सभा की ओर से जोरईं गांव में शुक्रवार को गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुुरू और सुखदेव के शहादत को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
भाकपा के जिलामंत्री कामरेड सुशील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भगत सिंह की कुर्बानी से अंग्रेजी साम्राज्यवाद की नीवं हिल गई थी। उन्होंने धर्मवाद, संप्रदायवाद, जातिवाद से इतर राष्ट्र धर्म निभाते हुए देश की आजादी में संघर्ष किया। भगत सिंह सशस्त्र क्रांति में विश्वास करते थे लेकिन उन्होंने प्रगतिशील साहित्य और समाजवादी साहित्य पर भी जोर दिया। इस दौरान पदाधिकरियों ने शहीदों की याद में नारेबाजी भी की। इस मौके पर ओम प्रकाश यादव, भुलाल पाल, राजेंद्र प्रसाद कन्नौजिया, इजहार खां, शोभनाथ गौतम, पंधारी यादव, इंद्रावती देवी, अमरावती, पारसनाथ बिंद, अभिमन्यु, जग नारायण, दीन दयाल आदि रहे।
शहीदों के आदर्शों पर चर्चा
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को दी श्रद्धांजलि
भदोही (ब्यूरो)। शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु की शहादत दिवस पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भाकपा, समाजवादी पार्टी और अखिल भारतीय किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को फत्तूपुर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मौजूद लोगों ने महान शहीदों के जीवनी की चर्चा की और उनके आदर्शों को अपनाने पर जोर दिया।
पूर्व विधायक जाहिद बेग ने कहा कि यही असली राष्ट्रभक्त हैं। इन्होंने अपने जान की परवाह की होती तो आज राष्ट्र गुलामी की जंजीरों में जकड़ा होता। अन्य वक्ताओं ने कहा कि देश के युवाओं को इन क्रान्तिकारियों से सीख लेने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में इंद्रदेव पाल, जगन्नाथ मौर्य, कैलाश नाथ बिंद, प्रेमबहादुर, हृदय लाल यादव, ज्ञानप्रकाश, इजहार अहमद, चंद्रेश त्रिपाठी, मुरलीधर पाल, भानसिंह मौर्य, बेचू बिंद, रामकुमार यादव, सलाहुद्दीन, विनोद कुमार, राधेश्याम पाल, फूलचंद यादव, राजकुमार यादव आदि उपस्थित रहे। उधर पिपरी स्थित माडर्न पब्लिक इंटर कालेज में आयोजित गोष्ठी में शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण कर छात्र-छात्राओं को उनके बारे में बताया गया। मुख्य रूप से रामजीत यादव, राकेश यादव, विजय राज, अशोक शर्मा, सुशीला देवी, मनोज यादव, सुनील मौर्य आदि रहे।