एक अप्रैल से जिले में शुरू हो रही गेहूं खरीद की तैयारी करीब-करीब पूर्ण हो चुकी है। इसके लिए 15 क्रय केंद्र स्थापित हुए हैं। क्रय केंद्रों पर महिला अगर गेहूं बिक्रय करने के लिए जाएगी तो तो उसे लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। प्राथमिकता के आधार पर उसका गेहूं खरीदा जाएगा। शासन से निर्धारित धनराशि किसानों के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से भेजा जाएगा। गेहूं की छनाई, भराई आदि का खर्च भी किसानों को मिलेगा।
खरीफ और रबी सीजन में सरकार किसानों से गेहूं और धान की खरीदारी के लिए क्रय केंद्र खोलती है। खरीफ सीजन संपन्न होने के बाद अब रबी सीजन में गेहूं खरीद की तैयारी अंतिम दौर में पहुंच गई है। विपणन विभाग की ओर से इसके लिए क्रय केंद्र खोले जा चुके हैं। एक अप्रैल से 15 जून तक होने वाली खरीद सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक होगी। रविवार और सरकारी अवकाश के अलावा अन्य दिनों पर केंद्र खुले रहेंगे। विपणन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो गेहूं खरीद के लिए खाद्य विभाग के पांच, पीसीएफ के नौ, एफसीआई का एक समेत कुल 15 केंद्र खुले हैं। जिला विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि गेहूं खरीद के लिए किसान स्वतंत्र है। वह जिले के किसी भी केंद्र पर अपना गेहूं बेच सकेगा, लेकिन उसे पंजीकरण कराना जरूरी है। महिला किसान अगर क्रय केंद्र पर जाएगी तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी। लाइन में लगने के बजाए उसके गेहूं को पहले खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से हर आठ किमी पर एक क्रय केंद्र खोलने का निर्देश है। अब तक 15 केंद्र खुले हैं, जरूरत पड़ने पर केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। किसानों को गेहूं प्रति कुंतल 1735 रुपये के अलावा अन्य खर्च भी दिया जाएगा।