आने वाले वर्षों में मधुमेह विश्व की सबसे भयावह बीमारी होगी। गलत खानपान, धूम्रपान की लत, मोटापा, असामान्य जीवनशैली इस रोग को और गंभीर बना रहा है। भारत में आज साढ़े छह करोड़ लोग मधुमेह रोगी हैं। पौने आठ करोड़ लोगों में प्री डायबिटीज के लक्षण हैं। मधुमेह से बचने के लिए रोगी को दवा से अधिक उसके स्वास्थ्य संकल्प बचा सकते हैं। ये बातें गुरुवार को एक प्रतिष्ठान में योगाचार्य और हर्बल विशेषज्ञ विजय कुमार श्रीवास्तव ने एक प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने बताया कि रविवार 17 सितंबर को योग और मधुमेह पर नि:शुल्क जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया है।
योगाचार्य ने बताया कि कोई भी मधुमेह रोगी को दवा के साथ-साथ योग प्राणायाम, खूब पैदल चलने, साइकल चलाने, दिनचर्या दुरुस्त रखने के साथ साथ अपने खानपान और आदतों पर ध्यान देना होगा। योग शिविर के संयोजक रूपेश बरनवाल ने कहा कि वह दिन आ रहा है जब घरों में हर्बल गार्डन विकसित करने होंगे। विभिन्न पौधों के औषधीय गुणों को जानना होगा। साथ ही मधुमेह के लक्षणों के प्रति सावधानी बरतनी होगी।
संयोजक ने बताया कि रविवार के कार्यक्रम को हजारों मधुमेह रोगियों को प्रेरित करने साथ ही उन्हें मुफ्त में दवा भी उपलब्ध कराने के लिए हो रहा है। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि जब तक दवा की आवश्यकता हो रोगी को मिले। इसके अलावा, शिविर का मुख्य उद्देश्य रोगियों के मधुमेह से बचाव, इसके लक्षणों के प्रति जागरूक करने साथ ही उन्हें यह बताने के लिए हो रहा है कि नियमित योग से ही मधुमेह को परास्त किया जा सकता है। प्रेस वार्ता में हाजी अब्दुल हादी, तरुण शुक्ल, सिद्धनाथ पांडेय आदि मौजूद रहे।