ज्ञानपुर। सुनने में थोड़ी अटपटी लगेगी लेकिन मामला सोलह आने सच है। जिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत हुई उसी से अफसरों ने जांच करा दी। मामला सैनिक पुनर्वास कल्याण कार्यालय के कनिष्ठ सहायक से जुड़ा है। कर्मचारी ने सीएम से मिलकर विभागीय अधिकारी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। दो साल का वेतन जान-बूझकर न देने का आरोप लगाया था। इस मामले में सीएम के निर्देश पर प्रमुख सचिव कल्याण ने पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा था।
एक माह पूर्व सैनिक कल्याण विभाग कार्यालय के कनिष्ठ सहायक कमला सिंह ने मुख्यमंत्री दफ्तर जाकर शिकायत किया था। जिसमें एक जनवरी 2009 से 31 जुलाई 2016 तक एरियर न देने, एक जुलाई 2014 से 22 जुलाई 2015, 17 मार्च 16 से 17 मई 2016 और 15 अगस्त 2016 से 31 मई 2017 तक वेतन न देने और उत्पीड़न का आरोप लगाया था। सीएम ने प्रमुख सचिव समाज कल्याण को जांच कराकर कार्रवाई के लिए कहा था। प्रमुख सचिव ने पत्र भेजकर मामले की जांच कराने के लिए कहा। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ज्ञानपुर प्रवरशील बरनवाल ने सैनिक पुनर्वास एवं कल्याण अधिकारी से जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। पीड़ित कर्मचारी ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की जांच किसी दूसरे अधिकारी से करानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिससे उसे न्याय मिलना मुश्किल है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एवं कर्नल सुनील चौधरी ने कहा कि संबंधित कर्मचारी ने बिना सूचना कार्यालय नहीं आया, जिसके चलते वेतन नहीं दिया गया।