ज्ञानपुर। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने शुक्रवार को ज्ञानपुर और डीघ ब्लॉक का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दो अवर अभियंता, एडीओ पंचायत, सेक्रेटरी और तकनीकी सहायक समेत कुल 12 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सीडीओ ने सभी का एक दिन का वेतन और मानदेय काटने का निर्देश दिया, जबकि एक कर्मचारी का मई का वेतन रोकने का आदेश दिया। अधूरे प्रधानमंत्री आवास पूर्ण न करने पर लाभार्थियों से रिकवरी करने के लिए कहा।
मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह दोपहर 12 बजे ज्ञानपुर ब्लॉक पर पहुंचे। यहां पर सहायक विकास अधिकारी सहकारिता रमेश सिंह, सहायक विकास अधिकारी पंचायत रमाशंकर मिश्र, तकनीकी सहायक ब्रह्मजीत शुक्ला, रविंद्र कुमार शुक्ला, बजरंग लाल दूबे, अरविंद कुमार, उमाशंकर चौहान और बरकत अली अनुपस्थित मिले। सभी का एक दिन का वेतन और मानदेय बाधित करने का निर्देश दिया। स्वच्छता मिशन की समीक्षा की प्रगति ठीक नहीं मिली। सहायक विकास अधिकारी रमाशंकर मिश्र की ओर से रुचि न लेने से प्रगति खराब मिली। सीडीओ ने रमाशंकर मिश्र का मई का वेतन रोकने का निर्देश दिया। इसके बाद सीडीओ डीघ ब्लॉक पहुंचे। यहां अवर अभियंता लघु सिंचाई मैन बहादुर, अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण अखिलेश कुमार सिंह, सहायक विकास अधिकारी सहकारिता अखिलेश कुमार और सुरेंद्र सिंह यादव अनुपस्थित मिले। सभी का एक दिन का वेतन अग्रिम आदेश तक अदेय किया गया। गोवंश आश्रय स्थल के निर्माण की प्रगति की समीक्षा के दौरान बीडीओ को निर्देश दिया कि सागर रायपुर में गोवंश आश्रय स्थल को पूर्ण कराकर वहां पशुओं को रखने की व्यवस्था की जाए। फुलवरिया उपरवार गांव में जमीन का विवाद निपटाकर आश्रय स्थल बनवाया जाए। मनरेगा की समीक्षा में पाया गया कि सिर्फ 55 गांवों में काम चल रहा है, जिसे सभी गांवों में प्रभावी करने का निर्देश दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना की तीन साल की समीक्षा की, जिसमें अधूरे आवासों को तत्काल पूर्ण कराने का निर्देश दिया। कहा कि जो आवास पूरे नहीं कराए जा रहे हैं, उनके लाभार्थियों से रिकवरी की जाए।