कांशीराम शहरी आवास के 1500 आवंटी प्रदूषित पानी पीने को विवश हैं। पाइपलाइन जगह-जगह टूटने से आवासों में प्रदूषित पानी की आपूर्ति होने से करीब सात हजार की आबादी में बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। शिकायत के बाद भी नगर पंचायत की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसको लेकर आवंटियों में गहरी नाराजगी है।
मायावती सरकार ने शहरी गरीबों के लिए मान्यवर कांशीराम शहरी आवास बनाया था। विकास भवन से सटे कंसापुर में करीब सात साल पूर्व बने 1500 आवासों में सात हजार से अधिक लोग रहते हैं।
डूडा के अधीन बने आवास तीन साल पूर्व नगर पंचायत ज्ञानपुर को सौंप दिया गया। शुरुआत में सबकुछ ठीक रहा, लेकिन समय गुजरने के साथ ही आवासों में पानी सप्लाई के लिए लगी पाइपलाइन ध्वस्त हो गई। पिछले तीन माह से आवासों में दूषित पानी की सप्लाई होने से आवास में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
पाइप लाइन सही न होने से आवास में रहने वाले करीब सात हजार से अधिक लोगों में डायरिया और अन्य जल जनित बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। प्रदूषित पानी को लेकर आवास के आवंटियों ने तीन बार प्रदर्शन भी किया, लेकिन उसको दुरुस्त नहीं किया गया।