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27 हजार होनहारों को मिली 7.

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ज्ञानपुर। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे 27 हजार होनहारों के खाते में सात करोड़ 80 लाख की धनराशि भेजी गई। इसमें पूर्वदशम के 10 तो दशमोत्तर के 17 हजार छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए। तकनीकी खामियों से तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राएं वजीफा पाने से वंचित रह गए। उनके फार्म में कोई गड़बड़ी पाई गई थी। योजना का मकसद शिक्षा में आ रही आर्थिक रुकावट को दूर करना है।
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आर्थिक दिक्कत से शिक्षा ग्रहण से कोई छात्र वंचित न हो, इसके लिए सरकारों की ओर से तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। शुल्क प्रतिपूर्ति, वजीफा समेत अन्य योजनाओं के माध्यम से छात्र-छात्राओं की फीस की भरपाई की जाती है। नौवीं, दसवीं, 11वीं, 12वीं, स्नातक, परास्नातक और तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं को तय मानक के हिसाब से शुल्क प्रतिपूर्ति और वजीफा दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले के 27 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को शासन स्तर से इमदाद दी गई। 11वीं और 12वीं में 12 हजार 201 छात्र-छात्राओं के खाते में तीन करोड़ 65 लाख 76 हजार 200 रुपये, स्नातक, परास्नातक, आईटीआई, पालीटेक्निक समेत अन्य तकनीकी शिक्षा के चार हजार 877 अभ्यर्थियों को एक करोड़ 58 लाख 75 हजार 880 और पूर्वदशम में नौवीं और दसवीं के 10 हजार छात्र-छात्राओं को दो करोड़ 16 लाख 84 हजार 600 समेत कुल सात करोड़ 80 लाख की इमदाद दी गई, हालांकि इस दौरान करीब तीन हजार छात्र-छात्राओं को इमदाद नहीं मिल सका। उनके फार्मों में त्रुटियों के चलते वजीफा और शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित होना पड़ा।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अजय कुमार सिंह ने कहा कि अब सीधे खाते में शासन स्तर से पैसा भेजा जाता है। फार्म भरने के दौरान खामियां सुधारने का मौका दिया जाता है। जिन छात्र-छात्राओं के फार्म सही रहते हैं उनके खाते में तय राशि समय से पहुंच जाती है। जिनके फार्म सही नहीं होते उसमें पैसा नहीं आता।
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