ज्ञानपुर। जिले में मौसम का मिजाज रविवार को एक बार फिर बदला। आसमान में छाए बादलों के बीच सुबह 11 से 12 बजे के मध्य जिले के कई हिस्सों में बूंदाबांदी और कई जगहों पर बारिश हुई। तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ गई। कई स्थानों पर बारिश से कच्ची सड़कों पर कीचड़ हो गया। तेज हवा चलने से सरसों और अगैती गेहूं की फसलें जहां गिर गईं, वहीं ओले गिरने की आशंका से किसान चिंतित हैं।
फरवरी के पहले पखवारे में बारिश के बाद मौसम सामान्य हो गया था। दिन में धूप के साथ गर्मी और रात में गुलाबी ठंड आ गई थी। इससे लोगों को लगने लगा कि अब ठंड जा रही है, लेकिन पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का असर पिछले एक सप्ताह से जिले में दिख रहा है। बुधवार को हल्की बारिश के बाद दो से तीन दिनों तक स्थिति ठीक रही। लेकिन रविवार को सुबह करीब 11 बजे के बाद ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही समेत अन्य इलाकों में बूंदाबांदी शुरू हो गई। कुछ इलाकों में बारिश होने से कीचड़ भी हो गया। मौसम में आए बदलाव से ठंड में इजाफा हो गया है। बूंदाबांदी संग तेज हवा चलने से खेतों में तैयार सरसों की फसल और गेहूं की अगैती फसलें भी गिर गईं। देवाजितपुर के किसान भोलानाथ उपाध्याय, सदौपुर के ब्रह्मजीत शुक्ला, कठौता के रामेश्वर दयाल मिश्रा ने कहा कि अब तक का मौसम फसलों के लिए लाभकारी रहा। गेहूं, सरसों की पैदावार ठीक होने की उम्मीद है, लेकिन अगर ओले पड़ेंगे तो काफी नुकसान होगा। उधर जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि हल्की बूंदाबांदी या बरसात का फसलों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। तेज हवा न चले साथ ही ओले न पड़े तो बारिश लाभकारी है।