ज्ञानपुर। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर दूसरे दिन भी राज्य कर्मचारियों ने तालाबंदी कर नगर स्थित बीआरसी में अपनी आवाज बुलंद की। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब वह शासन- प्रशासन के आश्वासन पर नहीं मानने वाले हैं। जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं की जाएगी, उनका धरना जारी रहेगा।
कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच की ओर से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर शिक्षक और कर्मचारी बुधवार से बीआरसी पर धरना दे रहे हैं। दूसरे दिन बृहस्पतिवार को राज्य कर्मचारियों ने काम बंद कर विभिन्न बीआरसी पर धरना जारी रखा। दूसरे दिन के धरने की अध्यक्षता कर रहे संगठन के मिर्जापुर मंडल के पर्यवेक्षक चंद्रशेखर मिश्र ने कहा कि आठ फरवरी से विकास भवन में धरना किया जाएगा। कर्मचारियों से एकता के बल पर सरकार को झुकने के लिए मजबूर करने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह ने कहा सरकार कर्मचारियों की मांग पर कई बार वादाखिलाफी कर चुकी है। अब वह वादों पर मानने वाले नहीं हैं। जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं होगी, धरना जारी रहेगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि विकास भवन, एआरटीओ, पीडब्ल्यूडी, कृषि विभाग, खाद्यान्न विभाग, शिक्षा विभाग, डायट, ट्रेजरी, तहसील, रजिस्ट्री समेत अन्य विभागों के कर्मचारी काम बंद कर हड़ताल में शामिल रहे। मंच का संचालन धर्मराज यादव ने किया। इस मौके पर राकेश सिंह, हरिश्चचंद्र पाठक, हरिशंकर यादव, जया त्रिपाठी, क्रांतिमान शुक्ला, समरजीत, प्रमोद मिश्रा, विद्याधर चौबे, मनोज उपाध्याय, डॉ. बी पांडेय, मुन्ना पांडेय, पूजा मिश्रा, योगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
प्रशासन की सख्ती के आगे फीका रहा जोश
ज्ञानपुर। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों और शिक्षकों के आंदोलन का जोश बृहस्पतिवार को दूसरे दिन पुलिस-प्रशासन की सख्ती के आगे फीका नजर आया। पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स के जवान शांति व्यवस्था की निगहबानी कर रहे हैं। इससे हड़ताली कर्मचारियों और शिक्षकों ने शांतिपूर्वक बैठकर सभा की। सूत्रों की मानें तो हड़ताल में शामिल कर्मचारियों और शिक्षकों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को सूची बनाने का निर्देश लखनऊ से दिया गया है।