यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में इस बार शिक्षा माफिया की एक नहीं चली। काफी प्रयास के बाद भी माफिया अपने मन मुताबिक परीक्षा केंद्र नहीं बनवा सके। यही नहीं एक शिक्षा माफिया अपने खुद के विद्यालय को भी केंद्र नहीं बनवा सका, जबकि उसका विद्यालय पहले परीक्षा केंद्र हुआ करता था। आपत्तियों के बाद 72 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 59500 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
परीक्षा केंद्र निर्धारण में विफल हुए शिक्षा माफिया अब भी परीक्षा केंद्रों में परिवर्तन के लिए शिक्षा विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। मगर अब केंद्रों में बदलाव संभव नहीं है। परीक्षा केंद्रों को लेकर आई आपत्तियों के निस्तारण के बाद 72 परीक्षा केंद्रों पर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अंतिम मुहर लगा दी है। पहले 75 परीक्षा केंद्र तय किए गए थे। इनमें शिक्षा माफिया का भी विद्यालय शामिल था। आपत्तियों के निस्तारण के बाद पहले निर्धारित परीक्षा केंद्रों में बदलाव होने से 10 परीक्षा केंद्र कट गए। जिनमें से अधिकांश केंद्र शिक्षा माफिया से जुड़े थे। उनके स्थान पर केंद्र बनने से वंचित सात माध्यमिक विद्यालयों को मौका मिल गया। परीक्षा केंद्रों की संशोधित सूची माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। पहले 75 परीक्षा केंद्र तय किए गए थे। अब इनकी संख्या घटकर 72 हो गई है। तय किए गए सात नए परीक्षा केंद्रों में राजकीय और वित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों को वरीयता दी गई है। केंद्र बनने से वंचित दो बालिका इंटर कॉलेजों को भी परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। इससे इन विद्यालयों की बालिकाओं की स्वकेंद्र परीक्षा की सुविधा बहाल हो गई है। अब जिले में 72 परीक्षा केंद्रों पर 10वीं और 12वीं के कुल 59500 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। पहली बार परीक्षा केंद्रों का निर्धारण जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से न होकर यूपी बोर्ड कार्यालय से ऑनलाइन किया गया।
इनसेट
बोर्ड परीक्षा के लिए 72 परीक्षा केंद्र तय कर दिए गए हैं। अब केंद्रों में कोई बदलाव नहीं होगा। इन केंद्रों पर 10वीं और 12वीं के 59500 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
श्याम सरोज वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक भदोही