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558 ग्राम पंचायतों ने नहीं दी कार्ययोजना

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ज्ञानपुर। गांव के विकास की रूपरेखा तैयार करने में जिले की ग्राम पंचायतें उदासीन बनी हुईं हैं। सात जनवरी तक कार्ययोजना को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करना था, लेकिन अब तक 561 में मात्र तीन गांव ही प्रस्तावित कार्य भेज सके हैं। समय रहते कार्ययोजना नहीं भेजने पर 14वें वित्त का मिलने वाला बजट भी रुक सकता है। प्रमुख सचिव के कड़ेे रुख को देखते हुए डीपीआरओ ने कई अधिकारियों का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांग लिया है।
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गांव के विकास से ही देश आगे बढ़ता है। इसको लेकर आजादी के बाद से ही सरकारों की ओर से प्राथमिकता में गांव का विकास ही रहता है। गांवों में खड़ंजा, नाली, हैंडपंप रिबोर, मनरेगा, शौचालय, आवास समेत अन्य विकास कार्य कराए जाते हैं। इसके लिए प्रधान, सदस्य और ग्रामीणों संग खुली बैठक कराकर प्रस्ताव तैयार कर विभाग के पास भेजा जाता है। उसी प्रस्ताव के आधार पर संबंधित ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त से वित्तीय वर्ष में बजट की स्वीकृति मिलती है। शासन के निर्देश पर पंचायत राज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 31 दिसंबर तक प्रस्तावित काम की कार्ययोजना तैयार कर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश जिले के 561 ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरी, वीडीओ और ग्राम प्रधान को दिया था। विभाग की तमाम सख्ती के बाद भी 31 दिसंबर तक कार्ययोजना नहीं दी गई। जिसके बाद तिथि सात जनवरी तक कर दी गई लेकिन अब भी मात्र तीन ग्राम पंचायतें ही कार्ययोजना अपलोड की है। तय समय में पंचायतें कार्ययोजना नहीं भेजेंगी, उन्हें आने वाले समय में 14वें वित्त से मिलने वाला बजट भी अवरुद्ध हो सकता है। आंकड़ों पर गौर करें तो अभोली में 56 , भदोही में 126, डीघ के 98 में मात्र दो, ज्ञानपुर में 92, सुरियावां में 67 में एक जबकि औराई में 128 में एक पंचायतों ने कार्ययोजना नहीं भेजी। जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि सात जनवरी तक सभी गांव अपनी कार्ययोजना को ऑनलाइन अपलोड कर दें अन्यथा भविष्य में बजट स्वीकृति मिलने में दिक्कत हो सकती है।
छह एडीओ और 103 सेक्रेटरी का वेतन रोका
ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना न बनाने पर शासन ने सख्त रूख अपना लिया है। प्रमुख सचिव के निर्देश पर जि ला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने जिले के छह एडीओ पंचायत जबकि 103 सेक्रेटरी और वीडीओ का वेतन दिसंबर माह से रोक दिया है। कार्ययोजना पूर्ण होने पर सभी का वेतन बहाल किया जाएगा। डीपीआरओ ने चेतावनी दिया कि जब तक कार्ययोजना पूर्ण कर वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया जाएगा वेतन बहाल नहीं किया जाएगा।
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पूर्व के बजट से मात्र 10 फीसदी की बढ़ोतरी
ज्ञानपुर। प्रमुख सचिव की ओर से कार्ययोजना के लिए जारी पत्र में ग्राम पंचायतों को खास निर्देश दिया गया है। इसमें वित्तीय वर्ष 2019-20 में खर्च होने वाली धनराशि से मात्र 10 फीसदी अधिक ही कार्ययोजना बनेगी। प्रधान और सेक्रेटरी की तरफ से मनमानी ढंग से अब कार्ययोजना नहीं बनाई जाएगी। ग्राम पंचायतों में चुनिंदा बिंदुओं पर काम भी होगा। इसमें खुल जिम या खेल का मैदान बनाने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, कुआं और अन्य पेयजल स्रोतो का पुनरोद्धार समेत अन्य बिंदु शामिल है।
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