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मेडिकल पर ड्रग टीम का छापा, नकली दवाएं सीज

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ज्ञानपुर। शासन के निर्देश पर सोमवार को वीरमपुर में अवैध ढंग से संचालित मेडिकल स्टोर पर ड्रग विभाग की टीम ने छापेमारी की। इस दौरान त्रिपाठी मेडिकल स्टोर से सवा लाख की दवाएं जब्त की गईं, जबकि जंगीगंज में एक मेडिकल स्टोर को सीज कर दिया गया। सात संदिग्ध दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजा गया। विभाग ने अनुमान जताया कि मेडिकल में कई नकली और प्रतिबंधित दवाएं बेची जा रही थी।
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शासन से रोक के बाद भी जिले के अधिसंख्य मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित और नकली दवाएं बेची जा रही हैं, जो आम आदमी के लिए नुकसानदेय होती हैं। कम समय में अधिक कमाई के चक्कर में डाक्टर से लेकर मेडिकल स्टोर संचालक तक आम आदमी के जीवन से खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आते। अइनछ वीरमपुर में नकली दवाएं बेचने की शिकायत पर सोमवार को ड्रग इंस्पेक्टर अमित कुमार बंसल ने पुलिस बल के साथ त्रिपाठी मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। उन्होंने मौके से 100 से अधिक औषधि को सीज किया, जिसकी कीमत बाजार में सवा लाख से अधिक रही। मेडिकल स्टोर से सात संदिग्ध दवाओं के नमूने जिसमें एंटी बायोटिक, सेफेक्सिम, एजिथ्रोमासिस के कांबिनेशन जांच के लिए भेजा। अनुमान जताया गया कि दवाएं नकली हैं। ड्रग विभाग की कार्रवाई से बाजार के दूसरे स्टोर संचालक दुकानें बंद कर गायब हो गए। इसके बाद टीम ने जंगीगंज के डीएस मेडिकल स्टोर की जांच की। यहां पर गलत तरीके से दवाओं को बेचा गया था। इसको संज्ञान में लेते हुए सीज किया गया। विभाग की मानें तो पकड़ी गई दवा में नकली होने की आशंका है। ड्रग इंस्पेक्टर अमित कुमार बंसल ने कहा कि गत छह महीने के दौरान छापेमारी में 21 दवाएं नकली मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सहायक आयुक्त औषधीय अतुल कुमार उपाध्याय के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि जौनपुर जिले का प्रभार होने के कारण वहां भी कई दुकानों पर कार्रवाई की गई। बताया कि कई और मेडिकल स्टोर पर अवैध तरीके से दवाएं बेचने की शिकायत मिली है। जल्द ही उन पर कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों की मानें तो अवैध मेडिकल संचालित करने वाले संचालकों पर कार्रवाई रोकने के लिए कई सफेदपोशों ने भी दबाव डालने का प्रयास किया।
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