डीएम दफ्तर पर बिजली बिल का 55 लाख बकाया
कटियामारी के मकड़जाल में उलझी बिजली आपूर्ति
फोटो-7, 8
अभियान बेअसर, नहीं रुक पा रही बिजली चोरी
सात करोड़ बकाया, वसूली हुई महज तीन करोड़ की
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में बकाएदारों, कटियामारों पर विभाग अभियान तो चला रहा है। आठ करोड़ से अधिक सरकारी बकायेदारों से वसूली में बिजली विभाग के अफसरों को पसीना छूट रहा है। सरकारी विभागों में डीएम दफ्तर पर सबसे ज्यादा 5522525 रुपये बिजली का बकाया है। दूसरे नंबर पर स्वास्थ्य विभाग है। इस पर 5062700 रुपये बकाया है।
पिछले माह से कटियामारी, बकाएदारों के खिलाफ विद्युत विभाग अभियान चलाकर शिकंजा कसने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अभियान का कोई असर कटियामारी पर नहीं देखने को मिल रहा है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लोग सामान्य और कॉमर्शियल उपयोग के लिए संविदा लाइनमैनों की मिलीभगत से कटिमारी कर विभाग को प्रतिमाह राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। जिले के डेढ़ दर्जन उपकेंद्र और तीन वितरण केंद्रों से लाखों की संख्या में कनेक्शनधारक जुड़े हैं, जिनसे विभाग प्रति माह भारी-भरकम वसूली करता है। पूर्वांचल वितरण निगम को निजी हाथों में सौंपने की रणनीति तैयार होने के बाद विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर और विरोध-प्रदर्शन करते हुए निजीकरण को वापस लेने की मांग सरकार से की। जब बात नहीं बन सकी तो तीन दिनों तक आपूर्ति ठप कर दी गई। शासन ने संगठन के उच्च पदाधिकारियों के साथ बैठक कर यह निर्णय लिया कि निगम से जुड़े जिलों में बकाए की वसूली लक्ष्य से अधिक हो जाएगी तो कुछ बात बन सकती है। साख बचाने के लिए विभाग ने अक्तूबर से संघन जांच अभियान चलाकर सख्ती दिखाई, लेकिन उसका भी असर नहीं हो सका। अभियान में शामिल विजिलेंस प्रभारी मनोज राय ने लगभग सौ कटियामारों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया फिर भी सात करोड़ बकाए में मात्र तीन करोड़ की ही वसूली की जा सकी।
एक्सईएन मनोज कुमार सिंह, रामकुमार सिंह ने कहा कि सदर और भदोही वितरण खंड के अधीन उपकेंद्रों पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी अलग-अलग टीमों में शामिल होकर कटियामारी, बकाए की वसूली में तेजी दिखा रहे हैं। संबंधित उपकेंद्रों से जुड़े गांव, नगर में शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई होती है। एक्सईएन मनोज कुमार ने बताया कि चिकित्सा विभाग पर 5062700 रुपये, डीएम कार्यालय 5522525, सीएमएस कार्यालय पर 3532364, पशुपालन विभाग पर 98,132, आयुर्वेद विभाग पर 171781, एसपी कार्यालय 653218 और प्राथमिक शिक्षा विभाग पर पांच करोड़ रुपये काफी दिनों से बकाया हैं। बार-बार हो रही लिखापढ़ी पर नाममात्र की अदायगी की जाती है।