ज्ञानपुर। अधोमानक खाद्य सामग्री बेचने के आरोप में छह विक्रेताओं पर न्याय निर्णयन अधिकारी/एडीएम कोर्ट ने दो लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावट की आशंका में दूध, मिठाई, चीनी, बिस्कुट, नमकीन आदि के नमूने एकत्रित करता है। जांच में नमूने फेल होने पर इन विक्रेताओं के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर होता है। इसमें सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया गया।
त्योहार और शादी विवाह के सीजन में जरूरी खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। आवक कम होने पर मिलावटखोरी बढ़ जाती है। मिलावटी सामान खाने से तमाम संक्रामक रोग फैलते हैं। अगस्त माह में औषधीय प्रशासन विभाग की ओर से ज्ञानपुर, भदोही और औराई तहसील में छापा मारकर कर बेसन, मिठाई, दूध, खोवा, पनीर, नमकीन, बिस्कुट आदि का सैंपल एकत्रित कर लैब में भेजा था। अक्तूबर में लैब से रिपोर्ट आई तो खाद्य पदार्थों का सैंपल फेल मिले। तत्कालीन जिला अभिहित अधिकारी मंजुला सिंह ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान एडीएम एसके मिश्रा ने छह व्यापारियों पर दो लाख 20 हजार का जुर्माना लगाया। जिसमें मिलावटी सेवईं बेचने पर भदोही के सत्य प्रकाश पर 50 हजार, बिस्कुट में अनिल कुमार पर पांच हजार, बिस्कुट में ही सदानंद मौर्य पर 10 हजार, मिथ्या छाप चायपत्ती के मिसब्रांड में नूर मोहम्मद भदोही पर 50 हजार, हाफिजी आसाम टी भदोही के खिलाफ एक लाख का जुर्माना लगाया। इसी तरह ज्ञानपुर नगर में बिना लाइसेंस रेस्टोरेंट चलाने पर प्रतीक कुमार के खिलाफ 50 हजार का जुर्माना लगाया गया। नवागत जिला अभिहित अधिकारी चंदन पांडेय ने कहा कि दर्जन भर से अधिक जांच रिपोर्ट आ चुकी हैं। उसे एडीएम कोर्ट में भेजा गया है। जल्द ही उस पर भी निर्णय आ जाएगा।