केएनपीजी के डॉ. भीमराव अंबेडकर बालिका छात्रावास पर उत्पाती बंदरों ने कब्जा कर लिया है। इससे छात्रावास की 52 छात्राएं दहशत में जी रहीं हैं। उत्पाती बंदरों ने चार छात्राओं को काटकर जख्मी कर दिया है। मनबढ़ किस्म के बंदर कमरों में घुसकर भोजन आदि छींट देते हैं, कपड़े फाड़ देते हैं और छात्राओं को काटकर जख्मी कर देते हैं। छात्राएं पिछले एक सप्ताह से पटाखे फोड़कर उनसे जूझ रहीं हैं।
काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में दूर-दराज से पढने के लिए आने वाली छात्राओं को रहने के लिए बालिका छात्रावास बनाया गया है। उसमें जिले के अलावा मिर्जापुर, वाराणसी, जौनपुर की कई छात्राएं रहकर स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई करती हैं। वर्तमान समय में छात्रावास में 52 छात्राएं पंजीकृत हैं। पिछले एक सप्ताह से छात्रावास परिसर के आसपास उत्पाती बंदरों ने डेरा डाला हुआ है।
सुबह से लेकर शाम तक बंदर छात्रावास परिसर में घुसकर जमकर उत्पात मचा रहे हैं। छात्राएं विरोध करती हैं तो उन पर हमला बोल देते हैं। इससे छात्रावास में रहने वाली छात्राएं दहशत में जी रही हैं। गत दो दिनों में बंदरो ने एमए अंतिम वर्ष की छात्रा संध्या (20) निवासी निदूर चौरी, एमए अंतिम वर्ष की छात्रा पूजा (20) निवासी बड़ागांव वाराणसी, बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा पुष्पा (18) निवासी धनसिरहा मिर्जापुर, बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा राधा (17) निवासी रोही ऊंज पर अचानक हमला कर घायल कर दिया है। बंदरों के हमलों से छात्राओं की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। झुुंड के रूप में आने वाले बंदर छात्राओं के कक्षों में घुसकर अनाज, खाना, कपड़े आदि भी नष्ट कर दे रहे हैं। उत्पाती बंदरों से बचने के लिए छात्राएं पटाखा आदि फोड़ रही हैं, लेकिन उसका खास असर उन पर नहीं पड़ रहा है।