रविवार से शुरू हुए गाजी मियां के मेले में ऊचें ऊचे झूलों का आनंद लेते युवा और बच्चे
(सैय्यद सालार मसऊद गाजी मियां का चार दिवसीय मेला रविवार से मर्यादपट्टी स्थित उनके रौजे पर शुरू हो गया। मेले में बीते आधी रात से ही जायरीन पहुंचने लगे थे। सुबह होते होते मेला क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई थी। हजारों की संख्या में लोगों ने अकीदत के साथ मजार पर चादरपोशी की। बच्चों ने भी मेले का खूब आनंद लिया।
शनिवार को आधी रात होते होते मेले की ओर जाने वाले मार्ग जायरीनों से पट गए थे। इससे अजिमुल्लाह चौराहे से लेकर मर्यादपट्टी तक सड़क पर जाम की स्थिति उत्पन्ना हो गई थी। बड़ी संख्या में लोगों ने बाबा की मजार पर फातिहा पढ़ा और मन्नतें मांगी। इनमें जनपद के ग्रामीण इलाकों के अलावा दूसरे जिलों से भी लोगों ने मजार पर आकर फातिहा पढ़ा। बड़ी संख्या में जायरीन अपनी पुरानी मन्नतों पर अकीदत पेश करने भी आए थे।
मेला समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहे। नगर पालिका के कैंप से भी जायरीनों की सेवा की जा रही थी। खोए बच्चों के बारे में कैंप से एलान किया जा रहा था। मेला समिति के पदाधिकारी मेला क्षेत्र में घूमते नजर आए। फातिहा पढ़ने के अलावा मेले का लुत्फ उठाने वालों की भी कमी नहीं रही। बड़े बड़े झूलों, सर्कस, मौत का कुंआ, काला जादू की ओर किशोर आकर्षित थे। भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं दुकानों पर खरीदारी करती रहीं। कई नि:शुल्क प्याऊ की मदद से निजी संगठनों ने श्रद्धालुओं की प्यास बुझाई। मेलार्थियों की सुरक्षा के लिए मेले में पुलिस कैंप भी लगाया गया जिसमें पुलिसकर्मी आते जाते रहे। पालिका अधिकारी और कर्मचारी भी मेले का जायजा लेते दिखे।