ज्ञानपुर। छठवें चरण में 78 भदोही लोकसभा चुनाव से पूर्व 11 मई को कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पद समेत पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर जहां बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, वहीं कांग्रेस इस मसले को लेकर असजह हो गई है। इस प्रकरण को लेकर कांग्रेस हाईकमान भी सकते में हैं। दूसरी ओर गठबंधन ने डॉ. नीलम मिश्रा को जनपद की शेरनी करार देकर पार्टी की धड़कन बढ़ा दी है। कांग्रेस अपने राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वांचल प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर कदम उठाएगी या नहीं, यह लोगों में यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
गत 10 मई को जिला मुख्यालय के ज्ञानपुर स्थित वीएनजीआईसी में प्रियंका गांधी चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंची थीं। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा ने पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मामला उठाया तो प्रियंका ने उन्हें फटकारते हुए अपमानित किया। कार्यकर्ताओं के सम्मान के मसले को उठाने पर अपमानित हुई डॉ. मिश्रा ने 12 मई को होने वाले मतदान से ठीक पहले 11 मई को गोपीगंज स्थित कांग्रेस पार्टी के कैंप कार्यालय में मीडिया से वार्ता कर पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से ही भदोही कांग्रेस असहज हो गई है। इतना ही नहीं कांग्रेस हाईकमान ने इस मसले पर प्रियंका गांधी को अनुशासन के दायरे में लिया है और कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस प्रियंका गांधी पर कार्रवाई करेगी या फिर इस प्रकरण को लेकर पूर्वांचल में कांग्रेस की हो रही फजीहत का तमाशा यूं ही देखती रहेगी।