ज्ञानपुर। जिले भर में एक हजार से अधिक तालाबों पर कब्जा है। कहीं खेती हो रही है तो कहीं इमारतें तन गईं हैं, जबकि तालाब के क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित रखने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया हुआ है। बावजूद इसके जिला और तहसील स्तरीय अधिकारियों की मिलीभगत से तालाब की जमीनों पर मनमाने ढंग से कब्जा हो रहा है।
सरकारी जमीन को भू-माफिया के कब्जे से मुक्त कराने के लिए प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद एंटी भू-माफिया टॉस्क फोर्स का गठन किया गया। इस कमेटी का केवल यही काम था कि ऐसी जमीनों को मनबढ़ों के चंगुल से मुक्त कराया जाए। लेकिन, शुरुआती दिनों की गिनती की कवायदों के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। मौजूदा हालात यह है कि जिले में एक हजार से अधिक तालाबों पर अतिक्रमण है। 561 ग्राम पंचायतों वाले जिले में लगभग हर गांव में एक-दो तालाब हैं। यही स्थिति नगरीय इलाकों में भी है, लेकिन ज्यादातर तालाब अतिक्रमण की जद में आकर अस्तित्व खोने की कगार पर हैं। इससे अतिक्रमित तालाबों की अनुमानित संख्या एक हजार के ऊपर पहुंच जाती है। ज्ञानपुर, भदोही, गोपीगंज, सुरियावां, घोसिया, खमरिया, औराई, चौरी समेत जिले के तमाम प्रमुख इलाकों में तालाबों को पाट कर निजी उपयोग में लिया जा रहा है। भू माफिया की तहसील स्तर के अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ से जमीन अतिक्रमण करने की साजिश को अंजाम दिया जा रहा है।