गंगा दशहरा पर मंगलवार को जिले के गंगा घाटों पर आस्था की सरिता बही। सुबह पांच बजे से दोपहर दो बजे तक स्नान-दान का दाैर चलता रहा।
सेमराधनाथ धाम के महंत पंडित करूणाशंकर के अनुसार, सीतामढ़ी, रामपुर और सेमराध समेत अन्य घाटों पर 50 हजार लोगों ने पुण्य की डुबकी लगाई। इसके बाद मंदिरों में दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। शाम को घाटों पर मां गंगा की आरती उतारी गई।
गंगा दशहरा पर मंगलवार को भोर से ही घाटों पर भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। गंगा घाट पर बच्चों के साथ पहुंचे लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। चतुर्मुखी घाट, गुलौरी जहांगीराबाद, डेरवां, बरजी, भवानीपुर, बिहरोजपुर, बेरासपुर, इब्राहिमपुर आदि घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। रामपुर घाट पर 20 हजार और सेमराध पर 10 हजार लोगों ने स्नान किया। सीतामढ़ी में 20 हजार श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं। हर हर गंगे और सीता माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। 10 प्रकार के फल, दीपक और ब्राह्मणों को दान करने की परंपरा निभाई गई। महर्षि वाल्मीकि आश्रम के महंत हरिप्रसाद मिश्र शाश्त्री ने कहा कि गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान से 10 तरह के पाप नष्ट होते हैं। भीड़ को देखते हुए ग्राम पंचायत नारेपार की ओर से तमाम इंतजाम किए थे। सुरक्षा के लिए गंगा में बैरिकेडिंग, पेयजल स्टाल, टेंट लगाए गए थे।
घाटाें पर गोताखोर और पुलिस बल की तैनाती रही। भक्तों को पिलाई चाय : गोपीगंज। रामपुर गंगा घाट पर ऊमर वैश्य क्षेत्रीय समिति गोपीगंज से जुड़े लोगों ने गंगा दशहरा के दिन स्नान करने पहुंचे लोगों की सेवा की। भक्तों को बिस्किट खिलाकर चाय पिलाई। इस मौके पर अध्यक्ष मोहित कुमार ऊमर बाबू, महामंत्री दिनेश, पप्पू, कोषाध्यक्ष अरूण कुमार ऊमर मिंकू, महावीर ऊमर, माैजूद रहे।