जिले में सौभाग्य योजना के तहत गांवों में ट्रांसफाॅर्मर, तार और बिजली के खंभे लगाए गए। निगम के अधिकारियों ने कागज में 500 से ज्यादा लोगों को कनेक्शन दे दिया। अब लोगों को बकाया बिल भेजा जा रहा है। किसी को 25 हजार, किसी को 30 हजार तो किसी को 40 हजार रुपये का बकाया बिल भेजा गया है।
बिजली निगम के अनुसार जिले में 2017 से 2022 के बीच सौभाग्य योजना के तहत 66,833 लोगों को बिजली के कनेक्शन दिए गए। 90,000 लोगों को कनेक्शन देने का लक्ष्य था। करीब 600 मजरे ऐसे थे, जहां कहीं बिजली नहीं पहुंची थी। उस समय निगम की ओर से 600 मजरों में 44,510 बिजली के खंभे लगाने और 66833 लोगों को कनेक्शन देने का दावा किया था। डीघ ब्लॉक फुलवरिया, उपरवार, मनोहरपुर, डीघ, सदाशिवपट्टी, जगापुर, केवटाही, छेछुआ, नगरदह, बनकट, भुर्रा समेत 80 से अधिक ऐसे मजरे हैं, जहां निगम के दस्तावेज में कनेक्शन दे दिया गया है। हकीकत में इन मजरों केवल बोर्ड और तार-खंभे लगाए गए है। कनेक्शन नहीं दिया गया है। 500 से ज्यादा लोग बिजली निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे है। घर में मीटर नहीं भी फिर भी बिजली का बिल हर महीने आ रहा है। सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन पाने वाले भी परेशान है। उनके घर तक बिजली के तार नहीं है। लोगों को बांस-बल्ली के सहारे निजी केबल डालकर बिजली कनेक्शन लेना पड़ा है। नगरदह में तो घर से करीब 300 मीटर दूर केबल 12 से 15 घर लोग बिजली आपूर्ति लेते हैं। इसी तरह छेछुआ में भी लोगों घर से 400 मीटर दूर से केबल डालकर आपूर्ति प्राप्त कर रहे हैं।
साधू मिश्र, बनकट ने कहा कि सौभाग्य योजना से 2018 में बनकट में विद्युतीकरण हुआ था। आज तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिला। फिर भी बिजली निगम का बकायेदार बन गया हूं। लगभग 25 हजार बकाया बिल आया है। - हरिमन गौर, नारेपार ने कहा कि सौभाग्य योजना हम लोगों के लिए दुर्भाग्य है। जिम्मेदार लोग तार तो दौड़ा दिए, लेकिन कनेक्शन नहीं दिए। कागज पर कनेक्शन देकर 33 हजार का बकाया बिजली का बिल भेजा गया है।
ओम प्रकाश मिश्रा, नगरदह ने कहा कि आठ साल पहले सौभाग्य योजना के तहत गांव में विद्युतीकरण हुआ था। पोल और तार तो लगा दिए गए परंतु तारों में विद्युत की आपूर्ति आज तक नहीं हुई। अब 50 हजार का बकाया बिल आ गया है। -
- अंगूरा देवी नगरदह, डीघ ने कहा कि 2017 में सौभाग्य योजना से कनेक्शन मिला, लेकिन बिजली सप्लाई नहीं दी गई। अब करीब 52 हजार बकाया बिल मिला है। इस संबंध में हमने कई बार जेइ एवं एसडीओ से शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, बिजली ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत लोगों को निशुल्क कनेक्शन दिया जाना था जहां कनेक्शन दिया गया है। उसी के अनुसार बिल बनता है। हो सकता है कि किसी के अधिक बिल की शिकायत हो। अगर इस तरह की शिकायत है तो इसका समाधान कराया जाएगा। -