नगर पालिका परिषद क्षेत्र में शामिल 28 गांवों की तस्वीर बदल नहीं पा रही है। वर्ष 2021 में 28 गांवों को भदोही नगर पालिका के तीन वार्डों में समायोजित किया गया था। पांच साल बाद भी विस्ताति क्षेत्रों में सड़क, नाली, जलनिकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं है।
बोर्ड के गठन के बाद से नगर पालिका विस्तारित क्षेत्र में 50 करोड़ से अधिक खर्च कर चुकी है। इसके बाद विस्तारित क्षेत्र के 40 हजार लोग ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर चलने को विवश हैं। भदोही नगरीय सीमा से सटे 28 गांवों को वर्ष 2021 में भदोही नगर पालिका सीमा में शामिल करने की अधिसूचना शासन ने जारी की थी। इसके बाद वार्डों की संख्या 25 से बढ़कर 28 हो गई। 2021 से लेकर आज तक इन 28 गांवों में सड़क, नाली की व्यवस्था करना नगर पालिका के लिए चुनौती बनी हुई है।
हाल यह है कि नगर पालिका ने पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा पर अधिक ध्यान दिया। लेकिन सड़कों की दशा में अपेक्षानुसार सुधार नहीं हुआ। घमहापुर वार्ड-12 में सड़क नहीं बन पाई है।
इस वार्ड में प्राथमिक विद्यालय घमहापुर के आसपास कई गलियों की मरम्मत के लिए आज भी लोग नगर पालिका के चक्कर लगा रहे हैं। महबूबपुर भी घमहापुर वार्ड में आज भी पक्की सड़क नहीं है। लोग गांव जैसा जीवन जी रहे हैं। पिपरी वार्ड, फत्तुपुर वार्ड, बकुचिया, कंसरायपुर का भी यही हाल है।
क्षेत्र के ताजदार, शाैकत, परवेज, शोएब, सलीम, रज्जब का कहना है कि 2021 में अधिसूचना जारी होने के बाद उम्मीद जगी कि हम लोगों को सड़क, नाली, जलभराव की समस्या निजात मिलेगी। क्षेत्र में एक भी सड़क पक्की नहीं है। ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर आवागमन करना पड़ता है। ठेगीपुर में इंटरलॉकिंग मार्ग जर्जर : बाबूसराय। औराई ब्लाॅक के ठेगीपुर प्राथमिक विद्यालय जाने वाली इंटरलॉकिंग सड़क जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। यहां से रोजाना सैकड़ों ग्रामीण गुजरते हैं।
बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है। गांव के सूरज, नंदू, मनोज पटेल, राज कुमार, लक्ष्मी नारायण ने जिलाधिकारी से सड़क मरम्मत करवाने की मांग की है।