ज्ञानपुर। जिले में लगभग पांच वर्ष से अधर में लटकी वेटनरी कॉलेज के निर्माण का रास्ता बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन ने साफ कर दिया। जिला प्रशासन ने जिले के वेदपुर और जोरई गाव में वेटनरी कॉलेज के निर्माण के लिए 50 एकड़ की भूमि चिह्नित करके पेपर पशुपालन विभाग को सौंप दिया। इसके बाद पशुपालन विभाग जमीन चिह्नित होने के संबंध में रिपोर्ट बृहस्पतिवार को शासन को भेज दिया।
निवर्तमान सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने जिले में वेटनरी महाविद्यालय के निर्माण का मामला लोकसभा में उठाया था। जिसके बाद सरकार ने जनपद में वेटनरी कॉलेज के निर्माण को हरी झंडी देकर जिला प्रशासन को कॉलेज के लिए 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। हालांकि इसके बाद तब से अब तक चले आ रहे विभागीय उठापटक के बाद भी जमीन नहीं मिल सकी थी। नतीजतन वेटनरी महाविद्यालय लंबे समय तक अधर में ही लटका ज्ञातव्य हो कि जिले में वेटनरी कॉलेज के निर्माण होने पर पशु चिकित्सा के लिए गोरखपुर, मथुरा, मेरठ और सोनभद्र का चक्कर लगाने वालों को राहत मिलेगी। अब पशु चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले छात्रों को जिले में ही चिकित्सीय शिक्षा की सुविधा मिलने लगेगी। साथ ही विभागीय स्तर पर कर्मचारियों की कमी दूर होती रहेगी। दरअसल जमीन की अनुपलब्धता से महाविद्यालय को लेकर जिले के जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुस्त पड़ गए थे।
इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा.जय सिंह ने बताया कि लिखापढ़ी के बाद डीएम आर्यका अखौरी ने 50 एकड़ जमीन का चिन्हांकन वेदपुर, जोरई में कर खतौनी विभाग को उपलब्ध कराने पर शासन को भेज दी गई है। बताया कि मामला मुख्यमंत्री से जुड़े होने से उम्मीद है कि शीघ्र ही जिले में वेटनरी कॉलेज के निर्माण की हरी झंडी भी मिल जाएगी।