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49.88 लाख का घपला, सेक्रेटरी निलंबित

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ज्ञानपुर। भदोही ब्लॉक के परगासपुर गांव में 49.88 लाख के घपलेबाजी में प्रशासन ने कार्रवाई की है। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने वहां के कार्यवाहक प्रधान को बर्खास्त कर सेक्रेटरी को निंलबित कर दिया। घपलेबाजी की रकम वसूली के लिए रिकवरी का आदेश दिया।
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वित्तीय अनियमितता को लेकर परगासपुर पहले से ही सुर्खियों में रहा है। पूर्व में यहां के प्रधान जोगेंद्र मौर्य एक लाख 35 हजार के घपले में अपनी कुर्सी गंवा चुके हैं। रिक्त पद पर दो माह पूर्व निर्वाचन हुआ, लेकिन सात से आठ माह के दौरान कार्यवाहक प्रधान अवधेश तिवारी की देखरेख में विकास कार्य कराए गए। गांव के विश्वनाथ यादव ने 19 मई 2019 को डीएम को प्रार्थना पत्र देकर विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया था। शुरुआत में जांच न होने पर वादी ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी ने पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अजय कुमार सिंह और अवर अभियंता लघु सिंचाई छोटेलाल को जांच अधिकारी नामित किया।
जांच में पाया गया कि गांव में 398 शौचालय निर्माण के लिए अलग-अलग किस्तों में 47 लाख 76 हजार रुपये भेजे गए। इस रकम से 220 शौचालयों का निर्माण कराया जाना था। जांच में मिला कि 98 शौचालय का निर्माण हुआ ही नहीं। साथ ही कई शौचालय दुरुस्त नहीं मिले। 208 शौचालय तो बने, लेकिन उनकी टंकी ही नहीं बनी। इसके अनुसार पांच लाख 60 हजार रुपये का अपव्यय पाया गया। 13 मार्च 2019 को ग्रामसभा की बैठक को फर्जी तरीके से दर्शाया गया था। सोलर लाइट की जांच में मिला कि 146 सोलर लाइटों में से 124 सोलर लाइटें व्यक्तिगत स्थान पर लगी मिलीं। प्रकाश व्यवस्था पर शासनादेश का पालन नहीं किया गया। इस पर कुल 32 लाख 80 हजार 500 रुपये की अनियमितता सामने आई। डस्टबिन वितरण में भी तीन लाख 94 हजार की अनियमितता मिली। इसी तरह चौदहवें वित्त के पैसे से हैंडपंप रिबोर, सोख्ता निर्माण, हैंडवाश निर्माण, परिषदीय स्कूल में सबमर्सिबल टंकी निर्माण में करीब सात लाख 54 हजार का अपव्यय मिला। अपव्यय धनराशि वसूली योग्य दर्शाया गया। कुल मिला कर ग्रामसभा में कुल 49 लाख 88 हजार रुपये की धनराशि अनियमित ढंग से खर्च की गई।
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जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने जांच आख्या डीएम को भेजी। डीएम ने तत्कालीन कार्यवाहक प्रधान अवधेश तिवारी और सेक्रेटरी अवध नारायण को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब देने का निर्देश दिया। दोनों ने नोटिस का जवाब भी भेजा लेकिन प्रशासन उससे संतुष्ट नहीं हो सका। डीएम के निर्देश पर शनिवार को कार्यवाहक प्रधान पर कार्रवाई की गई और रिकवरी का आदेश दिया गया। सोमवार को ग्राम पंचायत अधिकारी को भी निलंबित किया गया। डीपीआरओ नीे कहा कि वर्तमान में वहां नए प्रधान हैं। धांधली की गई रकम की आधी सेक्रेटरी और आधी कार्यवाहक प्रधान से वसूली की जाएगी।
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