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मैरिज लॉन: लॉकडाउन के बाद भी कारोबार सुधरने के आसार नहीं

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भदोही। कोविड-19 से सर्वाधिक नुकसान मैरिज लॉन कारोबार का हुआ है। 25 मार्च से बंद बाजार खुले भी लेकिन मैरिज लॉन के गेट अब तक नहीं खुल सके हैं। शासन द्वारा अब तक वैवाहिक कार्यक्रम के लिए केवल 30 लोगों की अनुमति दी जा रही है। अनुमान के मुताबिक भदोही नगर में स्थित 15 मैरिज लॉन में से हर वर्ष 250 वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न होते हैं। हालिया कोविड-19 के चलते जो तीन माह लॉकडाउन में बीते उससे लोगों को भारी चपत लगी है। मैरिज लान संचालकों का कहना है कि जून तक शादियों की बुकिंग थी जो निरस्त हो चुकी हैं। इनमें से कई शादियां तो कम भीड़ में लोगों ने निपटा भी लिए हैं। अभी लोग संशय में हैं कि कब तक ऐसी स्थिति रहेगी क्योंकि बकरीद त्योहार के बाद फिर से लगन शुरू होगा।
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लॉकडाउन के बाद से शादी विवाह के कार्यक्रम ठप हैं। बीते तीन महीने में हमारे लॉन में सात वैवाहिक कार्यक्रम रद हुए हैं। इससे भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लॉन के मेंटेनेंस पर जो खर्च हो रहा है उसकी भी भरपाई नहीं हो पा रही है।-हाजी एजाज खां, पकरी तिराहा
कोरोना का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। स्टाफ भी नहीं है। फिलहाल मैरिज लॉन व्यवसाय पूरी तरह बंद कर दिया है। आगे जब तक स्थिति ठीक नहीं हो जाती तथा सरकार का दिशानिर्देश मिलने के बाद ही दोबारा कारोबार शुरू करूंगा।-प्रशांत कुमार गुप्ता, स्टेशन रोड
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कोरोना के प्रभाव से पूरा वर्ष बेकार होने के कगार पर है। दो दर्जन से अधिक बुकिंग रद करनी पड़ी हैं। लॉन की सजावट आदि पर हुआ खर्च भी बेमानी नहीं निकल पा रहा है। फिलहाल बकरीद के बाद स्थिति कुछ सुधर सकती है।-अखिलेश सिंह, स्टेशन रोड
फरवरी से जून तक शादी का सीजन था। वह तो बेकार हो चुका है। शासन से केवल 30 लोगों के साथ शादी की अनुमति दी जा रही है जिससे लोगों को लान की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। भारी संख्या में लोग मजदूर बेरोजगार हो गए हैं।- सेराज उर्फ गुड्डू, चौरी रोड
शादियां नहीं होने से कारोबार की हालत खस्ता है। मैरिज लॉन के मेंटेनेंस पर वैसे ही खर्च बैठ रहा है। जो निकाल पाना मुश्किल हो गया है। दूसरे कारोबार में गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं लेकिन यही ऐसा क्षेत्र है तो शुरू तक नहीं हुआ है।-हाजी कफील अहमद, पायल तिराहा
इस वर्ष के लिए कारोबार समेट दिया है। लान के मेंटेनेंस पर जो खर्च हो रहा है वह जेब से वहन करना पड़ रहा है। नवंबर के बाद मिल रहे बुकिंग पर विचार हो रहा है। यह भी ठीक नहीं है कि नवंबर से माहौल सामान्य होगा या नहीं।-शफीक अहमद, चौरी रोड
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