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चाय की दुकानों पर जीत-हार का लग रहा दांव

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ज्ञानपुर। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही क्षेत्र की फिजा सियासी होने लगी है। नगर की अड़ियों से लेकर चाय-पान की दुकानों तक पर प्रत्याशियों के चयन से लेकर जीत-हार पर दांव तक लगने लगे हैं।
हर तरफ सिर्फ चुनावी चर्चा हो रही है। प्रत्याशियों की जीत-हार पर गर्मागर्म बहसबाजी में सरकार बनने और बिगड़ने लगी है। कहीं-कहीं तो प्रत्याशियों की जीत और हार को लेकर लोग आपस में उलझते भी दिख जा रहे हैं। बुधवार को कुछ ऐसा ही नजारा हरिहरनाथ धाम के समीप चाय की दुकान पर दिखा। सुबह सात बजे का समय और चाय के शौकीनों का जमावड़ा। कुल्हड़ की चाय की चुस्कियों के साथ ज्ञानपुर नगर की हृदयस्थली पर राजनीतिक मंथन रास्ते से आने जाने वालों को भी आकर्षित करता रहा।
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करीब 10 की संख्या में खड़े लोगों में खड़े एक नागरिक ने चुनावी चर्चा छेड़ दी। बोले केंद्र में मोदी जैसे नेता की अभी जरूरत है। ‘टिकटवा में फेर बदल होई जात त काम बन जात’। तभी दूसरा युवक तपाक से बोल पड़ा गठबंधन कम मजबूत ना बा। अबकी बार कउनऊ लहर काम न करी। यही हाल मंदिर से सटे गुड्डू चाय की दुकान का भी रहा। यहां भी खड़े युवा और अधेड़ सिर्फ चुनावी चर्चा में ही मगन दिखे। भाजपा के कमल खिलावे के बा त मजबूत प्रत्याशी उतारे के पड़ी। इसी तरह गठबंधन और भाजपा के समर्थक अपनी-अपनी जीत के दावे करने से पीछे नहीं हट रहे थे। भाजपा समर्थकों को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू चलने का यकीन है तो गठबंधन के समर्थक पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यों के साथ जातीय गणित से जीत मानकर चल रहे हैं। जीत-हार का ऊंट किस करवट बैठेगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन चाय-पान की दुकानों पर अपने-अपने पसंद के नेताओं की ताजपोशी होने लगी है।
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