भदोही। नगर के विभिन्न मोहल्लों से मंगलवार को लापता हुए चारो बच्चे वाराणसी से बृहस्पतिवार को भदोही लाए गए। बच्चों को कोतवाली पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। 11 से 15 वर्ष के बच्चों को माता पिता ने सामने पाकर राहत की सांस ली। कोतवाली प्रभारी एसएन मिश्रा ने बताया कि बच्चे खुद से ट्रेन पकड़ कर वाराणसी चले गए थे जहां कैंट स्टेशन पर जीआरपी ने उन्हें पकड़ कर साथी संस्था के हवाले कर दिया था।
ज्ञात हो कि मो. कैफ (15), मो. तौहीद (13), मो. फुरकान (13) एवं मो. उस्मान (11) सुबह अपने अपने घर से पीरखांपुर स्थित मदरसा अरबिया मदीनतुल इल्म जाने के लिए निकले थे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मालूम हुआ है कि मदरसा पहुंचने पर उन्हें देर हो गई थी। जिससे उन चारो ने घूमने का प्लान बनाया और भदोही रेलवे स्टेशन पहुंच गए। किसी ट्रेन से वे वाराणसी की ओर प्रस्थान किए और जब वे कैंट स्टेशन पर पहुंचे तो संदिग्ध समझ कर बच्चों को जीआरपी वाराणसी ने रोक कर पूछताछ की। इस पर बच्चे सकपका गए और कोई उचित जवाब नहीं दे सके। इस पर जीआरपी ने उन सबको कैंट स्टेशन के पास साथी संस्था के हवाले कर दिया। वहां वे दो दिन तक रहे।
इस बीच उनकी गूमशूदगी दर्ज कर कोतवाली प्रभारी ने वाट्सएप के कई ग्रुपों में उनकी तस्वीर भेजने के अलावा जीआरपी कैंट को भी सूचित कर दिया। साथ ही उनसे मोबाइल पर चर्चा भी की। इस पर वहां से बताया गया कि इन बच्चों को साथई संस्था के हवाले कर दिया गया है, जहां वे सुरक्षित हैं। बृहस्पतिवार को सुबह ही बच्चों के आईकार्ड लेकर परिजन वाराणसी रवाना हो गए और उन्हें लेकर सीधे भदोही कोतवाली पहुंचे जहां आवश्यक लिखा पढ़ी कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। अपने आंख के तारों को सामने पाकर मां बाप के चेहरे पर संतोश साफ झलक रहा था। लोग खुशी खुशी बच्चों को साथ लेकर घर गए।