ज्ञानपुर। संस्कृत के विद्वान पद्मश्री स्व. डॉ. कपिलदेव द्विवेदी शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र ने कहा कि डॉ. द्विवेदी वेद, वेदांग, संस्कृत व्याकरण और भाषा विज्ञान के विद्वान थे। विश्वभारती अनुसंधान परिषद की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पद्मश्री के कृतित्व पर चर्चा करते हुए प्रो. मिश्र ने कहा कि उन्होंने इन विषयों पर 70 से अधिक ग्रंथ लिखे।
विशिष्ठ अतिथि और केंद्र सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार एवं नासा के वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश पांडेय ने कहा कि उन्होंने वेदों को वेदामृतम ग्रंथमाला के 40 भागों में सरल भाषा में प्रस्तुत किया। नासा के वैज्ञानिकों ने संस्कृत भाषा का प्रयोग किया तो रेडियो तरंगें सीधे शनि तक पहुंच गईं। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि डॉ. द्विवेदी के ग्रंथों ने संस्कृत साहित्य, व्याकरण, भाषा विज्ञान आदि विधाओं कोे समृद्ध बनाने में योगदान किया है। डॉ. प्रशस्यमित्र शास्त्री ने संस्कृत श्लोकों के जरिए डॉ. द्विवेदी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। निर्मल शरण महराज ने गीतों के माध्यम से सम्मान व्यक्त किया। सभा की अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ के पूर्व संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रभुनाथ द्विवेदी ने डॉ. द्विवेदी को संस्कृत साहित्य जगत का स्तंभ बताया। कार्यक्रम में पद्मश्री की स्मृति में प्रकाशित अभिनंदन ग्रंथ का विमोचन भी किया गया।
इस अवसर पर संस्कृत साहित्य की विशिष्ट सेवा के लिए प्रो. अभिराज राजेंद्र मिश्र, प्रो. राजाराम शुक्ल, प्रो. ओमप्रकाश पांडेय, डॉ. प्रशस्यमित्र शास्त्री को पद्मश्री डॉ. कपिलदेव द्विवेदी स्मृति विश्वभारती सम्मान दिया गया। अतिथियों का स्वागत डॉ. विद्याशंकर त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था के अध्यक्ष डॉ. भारतेंदु द्विवेदी ने किया। इस मौके पर डॉ. माया त्रिपाठी एवं डॉ. जया त्रिपाठी ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। सरस्वती वंदना आस्था, आर्ची एवं आभा ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर रीना जायसवाल, डॉ. केपी मिश्रा, अशोक मिश्रा, ओमप्रकाश आर्या, सत्यदेव गुप्ता, मधुकर मिश्र, अब्दुल हाजी, राजाराम जायसवाल, राजेंद्र जायसवाल, डॉ. विभूराम मिश्रा, डॉ. शिवनरेश मिश्रा, डॉ. बीसी रजवार, पूर्व शिक्षा निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. महेंद्रराम, डॉ. होरिल, डॉ. केएस उपाध्याय, विंध्यवासिनी त्रिपाठी, डॉ. अलका पांडेय आदि उपस्थित रहे।