ज्ञानपुर। सुरियावां विकास खंड के जगदीशपुर गांव में नौ हजार 938 रुपये के गबन के मामले में डीएम राजेंद्र प्रसाद ने प्रधान नन्हकू का वित्तीय अधिकार सीज कर दिया है, जबकि सेक्रेटरी मुन्नीलाल को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासनिक कार्रवाई से प्रधानों में खलबली मच गई है।
जगदीशपुर गांव निवासी बबलू सरोज पुत्र अमृतलाल एवं अन्य ग्रामीणों ने 19 सितंबर 2017 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गांव के विकास कार्यों में धांधली का आरोप लगाया था। डीएम ने शिकायत की जांच सहायक मत्स्य अधिकारी को सौंपी थी। मनरेगा, शौचालय समेत अन्य कार्यों की जांच के बाद नौ हजार 938 रुपये का गबन मिला। जांच रिपोर्ट के बाद डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने नोटिस जारी कर प्रधान और सेक्रेटरी से जवाब मांगा। साथ ही जांच के परीक्षण के लिए उप कृषि निदेशक अरविंद सिंह और तत्कालीन अधिशासी अभियंता पीडब्लयूडी राकेश कुमार नामित किया। अधिकारियों ने जांच का परीक्षण किया तो गबन सही पाया गया। 12 अक्टूबर 2018 को जांच अधिकारियों ने डीएम को रिपोर्ट सौंपी। मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज करते हुए सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया। दो दिनों में डीएम की ओर से की गई दो कार्रवाई से प्रधानों में खलबली मच गई है। एक दिन पूर्व डीएम ने भदोही ब्लॉक के परगासपुर गांव के प्रधान को बर्खास्त कर दिया था। विभागीय सूत्रों की मानें तो 12 से 15 ग्राम प्रधानों की जांच पूर्ण हो चुकी है। उनके खिलाफ भी जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। डीपीआरओ बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि गबन में प्रधान का वित्तीय अधिकार सीज किया गया है, जबकि सेक्रेटरी को निलंबित किया गया है।