ज्ञानपुर। जनमानस की शिकायतों के बेहतर निस्तारण के लिए तहसीलों में होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस कार्यक्रम फेल होता नजर आ रहा है। सुबह घरों से उम्मीद लेकर तहसीलों में आए ज्यादातर लोगों को नाउम्मीदी ही हाथ लग रही है। मंगलवार को तहसील दिवस पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। तीनों तहसीलों में आए 230 प्रार्थना पत्रों में से मौके पर केवल सात मामलों का ही निस्तारण किया जा सका। औराई तहसील में 52 शिकायतों में एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। ज्ञानपुर नई तहसील में जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। डीएम ने पुराने आदेश को दोहराते हुए अफसरों से कहा कि आम लोगों की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता से किया जाए। राजस्व से जुड़े विवाद को पुलिस और राजस्व विभाग के लोग जाकर निस्तारित कराएं। ज्ञानपुर तहसील में राजस्व, पूर्ति, शिक्षा, विकास से जुड़े करीब 121 प्रार्थना पत्र आए, जिनमें से मौके पर पांच मामलों का निस्तारण किया गया। इस मौके पर एसपी सचींद्र पटेल, सीडीओ, डीडीओ जयकेश त्रिपाठी, एसडीएम ज्ञानपुर सुनील कुमार समेत कई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। भदोही तहसील में एसडीएम आशीष कुमार की देखरेख में तहसील दिवस संपन्न हुआ। यहां आए 57 मामलों में दो का निस्तारण हुआ। औराई तहसील में एसडीएम केशवनाथ की अध्यक्षता में तहसील समाधान दिवस संपन्न हुआ। विभिन्न विभागों के 52 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें एक का भी निस्तारण नहीं हो सका। इस मौके पर सीओ बीके सिंह, एसओ शेषधर पांडेय, तहसीलदार शैलेंद्र कुमार आदि रहे।
केस.-1
10वीं बार नहीं मिला न्याय
जिला मुख्यालय से सटे लखनो गांव निवासी अशोक कुमार उर्फ कोको दूबे रास्ते के विवाद से जुड़ा प्रार्थना पत्र लेकर तहसील दिवस में मंगलवार को 10वीं बार पहुंचे, लेकिन प्रकरण का अब तक निस्तारण नहीं हो सका। इस मामले में पीड़ित पक्ष को भी कोतवाली पुलिस ने थाने में बैठा लिया। गत तीन माह से वह तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
केस: 2
साहब सिर्फ होती है खानापूर्ति
डीघ विकास खंड के सेमराध गांव निवासी जज्जे प्रसाद ने कहा कि उनकी जमीन पर कुछ मनबढ़ किस्म के लोग जबरिया कब्जा करना चाह रहे हैं। तीन तहसील दिवस और समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला। इस बार तहसील दिवस में फिर से अधिकारियों के दर पर गुहार लगाई है।