ज्ञानपुर। दशकों पूर्व खंभों में खींचे गए जर्जर तारों में मौत का करेंट दौड़ रहा है। अक्सर हो रही घटनाओं के बाद विभागीय अधिकारी चेत नहीं रहे हैं। एक दिन पूर्व पीपरगांव में हुई घटना इसकी एक बानगी है। ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही नगर समेत ग्रामीण अंचलों में बड़ी संख्या में जर्जर तार लटक रहे हैं। उक्त स्थानों से लोग प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
करीब 16 लाख की आबादी वाले जिले में 561 ग्रामसभाओं के साथ ही सात नगर निकाय हैं। आजादी के छह दशक के बाद केंद्र से लेकर प्रदेश सरकारों की ओर से विभिन्न योजनाओं से हर घर तक प्रकाश पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन आज भी सभी परिवारों तक बिजली नहीं पहुंच सकी। सबसे मजे वाली बात है कि सरकारों की ओर से मरम्मत के लिए बजट आवंटित हुए लेकिन आज भी ज्यादातर इलाकों में जर्जर तार ही लगे हैं। ज्ञानपुर नगर के पुरानी बाजार, गोपीगंज नगर के खडहट्टी मोहाल, सदर मोहाल, ज्ञानपुर रोड, भदोही, घोसिया, खमरिया नगर के विभिन्न मोहल्लों के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी जर्जर तारों में मौत का करेंट दौड़ रहा है। पीपरगांव में सोमवार को जर्जर तार टूटकर गिरने से 440 वोल्ट में हाईटेंशन दौड़ा। जिससे दो लोगों की मौत हो गई जबकि पांच झुलस गए थे। इसके पूर्व भी जर्जर तार खेतों में गिरने से हजारों का नुकसान होने के साथ ही जनहानि हो चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारी पर इस पर कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं। अधिशासी अभियंता विद्युत अमर सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष एक निर्धारित बजट तार बदलने के लिए आता है। जिससे किश्तवार कार्य कराया जाता है।