ज्ञानपुर (भदोही)।
अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं। शासन के मंशानुसार सौंपे गए दायित्वों को निष्ठा और ईमानदारी से पूरा करें। जो भी निर्माण कार्य हों, वह मानक के अनुरूप किए जाएं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह निर्देश प्रमुख सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम और जिले के नोडल अधिकारी अनिल कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिए।
उन्होंने अब तक हुए विकास कार्यों की प्रगति की विभागवार जानकारी ली। इस दौरान कार्यदायी संस्थाओं द्वारा निर्माणाधीन बड़ी परियोजनाओं के अधिकारियों को हिदायत दी कि वे समय सीमा के अंदर कार्य को पूर्ण कराएं। जन शिकायतों, किसान दिवस, किसानों की कर्जमाफी, जमीन से संबंधित विवादों, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता मिशन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, सड़कों को गढ्ढ़ामुक्त, पारिवारिक लाभ योजना, फसल बीमा योजना, मनरेगा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, कारपेट सिटी आदि विषयों की समीक्षा की। पुलिस अधीक्षक सचींद्र पटेल ने प्रमुख सचिव को जिले की कानून व्यवस्था को लेकर बिंदुवार जानकारी दी। मौके पर डीएम विशाख जी, सीडीओ हरिशंकर सिंह, एडीएम हरीलाल यादव, एसडीएम औराई केशवनाथ गुप्ता, ज्ञानपुर सुनील कुमार, भदोही आशीष कुमार, बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव, डीडीओ जयकेश त्रिपाठी, डीएसओ संजय पांडेय, डीआईओएस श्याम सरोज वर्मा आदि रहे।
डीआईओएस पर नाराज हुए प्रमुख सचिव, ऑपरेटर पर कार्रवाई
राजकीय स्कूलों का आंकड़ा न दे पाने पर जताई नाराजगी
ज्ञानपुर। सूबे के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव एवं जिले के नोडल अधिकारी अनिल कुमार गेस्ट हाउस से सुबह करीब 11 बजे डीआईओएस कार्यालय पहुंचे। प्रमुख सचिव के आगमन की जानकारी मिलते ही इधर-उधर टहल रहे कर्मचारी अपने-अपने पटल पर पहुंच गए। प्रमुख सचिव ने कार्यालय के बाहर जर्जर भवन को नियम के तहत ध्वस्त कराने का निर्देश दिया। इसके बाद कंप्यूटर कक्ष में सही जानकारी न देने पर कंप्यूटर ऑपरेटर पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही कंप्यूटर की जानकारी न होने पर डीआईओएस के प्रति नाराजगी जताई।
प्रमुख सचिव और नोडल अधिकारी अनिल कुमार ने डीआईओएस के कंप्यूटर कक्ष में पहुंचने के बाद स्कूल से जुड़ी सूचनाएं मांगी। डीआईओएस और कंप्यूटर ऑपरेटर की बातों में विरोधाभास दिखा। इसको लेकर ऑपरेटर पर कार्रवाई का निर्देश दिया। साथ ही कंप्यूटर की जानकारी न होने पर डीआईओएस के प्रति भी नाराजगी जताई। उनकी उम्र पूछी तो उन्होंने बताया 54 साल। इस पर प्रमुख सचिव ने कहा कि क्यों न तुम्हारी स्क्रीनिंग कराई जाए। नोडल अधिकारी अनिल कुमार ने डीआईओएस कार्यालय के एक-एक कक्ष का अवलोकन किया। करीब सात से आठ कक्ष खाली मिलने पर डीएम विशाख जी से किराए के भवन में चल रहे दफ्तरों को शिफ्ट करने के लिए कहा। डीआईओएस के कक्ष में बैठने के बाद राजकीय विद्यालय, केंद्रों के निर्धारण, वजीफा को लेकर जानकारी मांगी। डीआईओएस कार्यालय का नक्शा और भवन का डिटेल भी मांगा।