वहिदानगर। जल निगम के जेई की लापरवाही लगभग 40 हजार की आबादी को पीने योग्य पानी नहीं मिल पा रहा है। डीघ ब्लाक के सोनैचा और कोइरौना में 25-25 हजार लीटर की क्षमता वाले ओवरहेड टैंक बीते 12 सालों से शोपीस बन गए हैं। स्थिति यह है कि इसमें मोटर लगाकर इसे संचालित करने का प्रयास तो किया गया, लेकिन कम क्षमता का मोटर होने से टंकी तक पानी पहुंचता ही नहीं। जिम्मेदार इस समस्या के निस्तारण की ओर ध्यान नहीं दे रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि सोनैचा और कोईरौना समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों तक शुद्ध पानी पहुंचाने के उद्देश्य से 25-25 हजार लीटर क्षमता के दो ओवरहेड टैंक बनाए गए थे। जिससे 14 साल पहले निर्धारित रोस्टर के अनुसार शुद्ध पानी हजारों परिवारों तक पहुंचाया जाता था। कुछ ही सालों में ओवरहेड टैंक के मोटर जल गए। जिसके बाद जलनिगम की ओर से यहां दूसरे मोटर लगाकर उसके संचालन का प्रयास किया गया, लेकिन कम क्षमता का मोटर होने के कारण पानी टंकी तक चढ़ ही नहीं पाता था। जिसका नतीजा हुआ कि तब से लेकर अब तक यह ओवरहेड टैंक शोपीस बने हुए हैं। विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अपना मुंह मोड़े हुए हैं। सर्दी और बारिश के दिनों में तो लोग जैसे तैसे काम चला लेते हैं, लेकिन भीषण गर्मी में जब हैंडपंप भी पानी छोड़ने लगते हैं तो ओवरहेड टैंकों के संचालन न होने की कमी सबसे अधिक खलती है। बीते 12 सालों से आधा दर्जन से अधिक गांवों तक शुद्ध पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
इन गांवों की इतनी आबादी प्रभावित
ओवरहेड टैंकों का संचालन ठप पड़ने से करीब 40 हजार की आबादी प्रभावित है। जिसमें कोइरौना ओवरहेड से कालिका नगर 7000, गोलखरा 6000, मझगवां 6000, मानशाहपुर 3000, भीखीपुर 2500, रईयापुर 4000 और सोनैचा ओवरहेड से सोनैचा 7000, केवलपुर 4000, भरद्वार-तुलसीपट्टी 8000, चंदापुर 3000, डगडगपुर 4000, मोन 5000, पिंडरा 6000, दरवांसी की आबादी 5000 तक है। जहां शुद्ध पानी मयस्सर नहीं हो पा रहा।
कोईरौना में लगे दो ट्यूबेल में एक खराब हो गया है और दूसरा कम क्षमता का होने का कारण काम नहीं हो पा रहा। गांव को जलजीवन मिशन में शामिल कर नए सिरे से कार्य कराए जायेंगे। वहीं सोनैचा में भी जो समस्याएं होगी। वहां तत्काल दूर किये जाएंगे।
- मुजीब अहमद, एक्सईएन, जल निगम, ग्रामीण।