ज्ञानपुर (भदोही)। लॉकडाउन में मनरेगा मजदूरों के लिए शासन से भेजी गई इमदाद से जिले के 43 हजार मजदूर लाभान्वित हुए हैं। इससे मेहनतकशों के खाते में चार करोड़ 30 लाख रुपये भेजे गए हैं। खाता संख्या में खराबी और आधार लिंक न होने के कारण बड़ी संख्या में मजदूरों के खाते में रकम नहीं पहुंच सकी, जिसे ठीक कराने में पंचायत विभाग जुट गया है।
कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को लेकर देश में 21 दिनों तक लॉकडाउन की घोषणा की गई है। इसमें सभी को घरों के अंदर रहने का खास निर्देश है। प्रतिदिन कमाने-खाने वाले श्रमिक, मजदूर, ठेला-खोमचा वर्ग काफी दिक्कतें हो रही हैं। ऐसे लोगों को सहूलियत देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से लगातार पैकेज की व्यवस्था की जा रही है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा मजदूरों को एक-एक हजार भत्ता देने का निर्णय करते हुए खाते में रकम भेजी। लखनऊ से ही उन्होंने मजदूरों के खाते में एक-एक हजार रुपये की रकम को ट्रांसफर किया। सरकार के इस फैसले से जिले में 43 हजार 964 मनरेगा मजदूरों को लाभ मिला।
जिला समन्वयक मनरेगा राजाराम ने कहा कि पीएफएमएस के माध्यम से सरकार ने धनराशि को ट्रांसफर किया है। एक-एक हजार रुपये से मनरेगा मजदूर कुछ दिन तक जरूरतें पूरी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि तकनीकी खामियों के चलते बड़ी संख्या में मजदूरों के खाते में पैसा नहीं पहुंच सका। जिसमें सुधार किया जा रहा है। बताते चलें कि मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए कांग्रेस सरकार की मनरेगा योजना वर्ष 2008 से जिले में प्रभावी हुई। शुरुआती दौर में इस योजना के तहत तालाबों के सुंदरीकरण से लेकर अन्य काम तेजी से कराए गए, लेकिन समय के साथ ही विकास के दूसरे काम भी इससे जोड़ दिए गए। जिले की 561 ग्राम पंचायतों में पंजीकृत एक लाख 25 हजार जॉबकार्ड धारकों में केवल 43 हजार 964 सक्रिय हैं। जो जरूरत के हिसाब से गांव में काम करते हैं।
573 श्रमिकों को भी भेजी गई रकम
ज्ञानपुर। सरकारी परियोजनाओं और कंस्ट्रक्शन के कार्यों में लगे 573 श्रमिकों के खाते में भी एक-एक हजार की इमदाद भेजी गई। पहले चरण में 3277 श्रमिकों को लाभ मिला था। जैसे-जैसे श्रमिकों के खाते सही हो रहे हैं, उनके खाते में पैसा भेजा जा रहा है। लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद सरकार ने श्रमिकों को एक-एक हजार रुपये देने का निर्णय लिया था।