जिले में यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है। परिषद से नामित परीक्षकों की तरफ से लापरवाही बरती जा रही है। शनिवार को दोनों केंद्रों पर 376 परीक्षक अनुपस्थित रहे। इसे लेकर विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। राजकीय और वित्तपोषित विद्यालय के परीक्षकों के खिलाफ परिषद को पत्र लिखा गया है। चौथे दिन कुल 26 हजार कापियों का मूल्यांकन किया गया।
जिले के विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट और नेशनल इंटर कॉलेज भदोही में 19 मार्च से यूपी बोर्ड की कापियों का मूल्यांकन शुरू हुआ। शुरूआती दो दिनों में दोनों केंद्रों पर 15-15 हजार कापियां जांची गई। शनिवार को मूल्यांकन में तेजी जरूर आई, लेकिन परीक्षकों के अनुपस्थित रहने का सिलसिला थमा नहीं।
नेशनल इंटर कॉलेज में हाईस्कूल के मूल्यांकन में लगे 605 परीक्षकों में 326 आए, जबकि 279 परीक्षक अनुपस्थित रहे। उप नियत्रंक की रिपोर्ट पर मुख्य नियंत्रक ने सभी से स्पष्टीकरण मांगा। यहां पर हाईस्कूल की 18 हजार 771 कापियां जांची गई। विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में 277 परीक्षकों में 180 आए जबकि 97 अनुपस्थित रहे। यहां पर 7895 कापियों का मूल्यांकन किया गया। दोनों केंद्रों पर 376 परीक्षक नहीं पहुंचे।
डीआईओएस एवं मुख्य नियंत्रक अंशुमान ने बताया कि सभी अनुपस्थित परीक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वित्तपोषित विद्यालय के परीक्षकों के खिलाफ परिषद को पत्र लिखा गया है।उन्होंने बताया कि अब तक हाईस्कूल की एक लाख 22 हजार कापियों में 55 हजार 485 और इंटरमीडिएट में 60 हजार में 28 हजार 250 का मूल्यांकन हो चुका है।