कालीन नगरी भदोही को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए 361 करोड़ का मास्टर प्लान बनाया गया है। इस योजना में नगर पालिका और जलनिगम विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। सीवरेज के लिए 278 और ड्रैनेज के लिए 83 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलते ही बहुत जल्दीइस प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू हो जाएगा।
भदोही नगर में जलनिकासी के लिए 40 साल पहले सीवर लाइनें बिछाई गई थीं। वर्ष 1970-80 के दशक में तत्कालीन नगर पालिका बोर्ड ने सीवरेज की व्यवस्था कराई थी। उस समय भदोही नगर की कुल आबादी 25 से 30 हजार थी लेकिन बाद में आबादी बढ़ने के साथ ही जलभराव की समस्या भी गंभीर होती गई। मौजूदा समय में नगर की खाली पड़ी जमीनों पर कालीन कंपनियां, कारखाने और भवनों का निर्माण हो गया है। ऐसे में पुरानी और जर्जर सीवर लाइनें निकासी करने में अक्षम साबित हो रही हैं। नतीजतन नगर में जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है। हल्की बारिश होते ही गली-मोहल्लों से लेकर प्रमुख सड़कें तालाब के रूप में बदल जाती हैं। कालीन कारखानों में पानी भरने से उत्पादन ठप हो जाता है। बारिश के दिनों में शहर की लगभग डेढ़ लाख की आबादी जलभराव से परेशान हो जाती है। देर से ही सही लेकिन पालिका ने समस्या के निदान के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। नगर पालिका और जल निगम ने सीवरेज के लिए 278 करोड़ और ड्रैनेज के लिए 83 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि शासन से धन अवमुक्त होते ही शहर में सीवरेज सिस्टम और ड्रैनेज का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। नगर पालिका भदोही के ईओ जी. लाल ने कहा कि जलनिगम और नगर पालिका की ओर से प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर काम शुरू होगा।
भदोही नगर में सीवरेज और ड्रैनेज के लिए प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। अभी मंजूरी नहीं मिली है। स्वीकृति मिलने पर काम शुरू होगा।- आर्यका अखौरी, डीएम भदोही
-
मिनी ईटीपी प्लांट भी होगा स्थापित
ज्ञानपुर। सीवरेज के लिए धन मिलते ही 25 वार्डों के 115 मोहल्लों के डेढ़ लाख से अधिक आबादी को राहत प्रदान करने का काम शुरू हो जाएगा। पूरे शहर में नए सिरे से सीवर लाइन डालने के साथ शहर के चारों तरफ सीवरेज प्लांट स्थापित किया जाएगा। एकत्रित पानी को फिल्टर कर उसे नदियों में छोड़ा जाएगा। इसके लिए मिनी इप्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) प्लांट स्थापित होंगे। रजपुरा, चौरी रोड, मामदेवपुर से नाले का निर्माण कराया जाएगा। जलनिकासी शहर के तीनों तरफ स्थित नदियों में होगी।