फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhadohi News: 52 सहकारी समितियों में से 34 जर्जर पन्नी से खाद बचाने की होगी जद्दोजहद

विज्ञापन
जर्जर बी-पैक्स समिति हरीपट्टी। संवाद 
विज्ञापन
ज्ञानपुर। जिले में किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए स्थापित साधन सहकारी समितियों की हालत खराब है। 52 समितियों में से 34 जर्जर हो चुकी हैं। ऐसे में बारिश में इन भवनों में यूरिया-डीएपी को पन्नी के सहारे बचाना विभाग के लिए चुनौती होगा। शुक्रवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने चौरी, अभोली और मोढ़ क्षेत्र की चार समितियों की पड़ताल की। यहां खाद को बचाने के लिए पन्नी का सहारा लेना पड़ता है। हर साल सीलन के कारण कई बोरी खाद खराब हो जाती हैं। यही नहीं, इन समितियों के भवनों में सचिव और कर्मचारी भी बैठने से कतराते हैं।
विज्ञापन

जिले में किसानों को समय से खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए 52 समितियां हैं। इनमें से 50 समितियों से रबी-खरीफ सीजन में डीएपी, यूरिया, बीज और कीटनाशकों का वितरण होता है। 546 ग्राम पंचायतों के करीब दो लाख किसान इन्हीं समितियों पर निर्भर हैं। तीन से चार दशक पूर्व बनी समितियां जर्जर हो गई हैं। इसके पीछे दो से ढाई दशक तक इन समितियों की निगरानी न हो पाना बताया गया है। इन चारों समितियों की स्थिति खराब मिली। कहीं छत से पानी टपकता है तो कहीं खिड़की-दरवाजे टूटें हैं। इसी तरह बी-पैक्स अजयपुर, रजपुरा, खेमईपुर, रमईपुर, शेरपुर गोपलहां, पीपरगांव, मकनपुर और हरीपट्टी समेत कई समितियां जर्जर हैं।
सुरियावां ब्लॉक की हरीपट्टी सहकारी समिति जर्जर भवन में संचालित हो रही है। इसकी मरम्मत के लिए शासन से बजट मिला है, लेकिन मानसून सीजन से पहले निर्माण पूरा होना मुश्किल है। भदोही ब्लॉक की साधन सहकारी समिति दरूनहां जर्जर है। भवन खराब होने के कारण इसका संचालन दलापुर से किया जा रहा है। समिति चार साल से बंद है। इससे क्षेत्र के किसानों को खाद-बीज के लिए चार किमी दूरी तय करनी पड़ती है। बी-पैक्स शेरपुर की छत कई स्थानों पर टूट चुकी है। बारिश में पानी टपकने से खाद को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। बचाव के लिए पन्नी आदि लगाई जाती है, लेकिन कुछ बोरियां सीलन से खराब हो जाती हैं।
विज्ञापन

34 सहकारी समितियां जर्जर हैं। 11 समितियों के जीर्णोद्धार का बजट मिल चुका है। शेष समितियों के नवीनीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। डीएपी और यूरिया के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था की जाती है। - राम प्रकाश, एआर कोऑपरेटिव
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें