ज्ञानपुर। पुलमावा आतंकी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी चला। बड़ी संख्या में लोगों ने सैनिकों की शहादत को नम आंखों से याद किया। जगह-जगह श्रद्धांजलि सभाएं और कैंडल जुलूस निकाले गए। जिले के सभी गैस एजेंसी संचालकों ने जुलूस निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35-ए को तत्काल हटाने की मांग की।
उमा गैस एजेंसी की ओर से सभी गैस वितरकों ने बुधवार को प्रोफेसर कालोनी से त्रिमुहानी तक पुलवामा हमले में शहीद जवानों की याद में पदयात्रा निकाली। हिंदुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद का नारा लगाते हुए पद यात्रा में शामिल सभी लोगों ने शहीद जवानों के संभव मदद किए जाने का संकल्प लिया। इस दौरान केंद्र सरकार से जम्मूू कश्मीर से धारा 370 और 35-ए को समाप्त किए जाने की मांग उठाई। कहा पाकिस्तान की इस कायरता पूर्ण हरकत का हर हाल में उसे जवाब मिलना चाहिए। इस मौके विनोद सोनकर, श्रीनारायण, इंद्रेश नारायण पांडेय, अरुण मिश्रा, इम्तियाज खां आदि रहे। इसी प्रकार ज्ञानपुर विकासखंड के पूरे दीवान गांव में बुधवार की देर शाम नागरिकों ने कैंडल मार्च निकालकर शहीद जवानों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। जिसके बाद घटना के विरोध में नागरिकों ने पाकिस्तान सरकार का पुतला फूंका। इस मौके पर धनराज बिंद, दिनेश बिंद, सागर, सरोज, नागेश, विष्णु प्रकाश, देवी चरण, राम नरेश आदि रहे। इसी प्रकार मोढ़ क्षेत्र के कस्तूरीपुर स्थित साधन सहकारी समिति के पास सपाजनों ने आतंकवाद का पुतला फूंककर कर जवानों की शहादत को सलामी दी। इस मौके पर संतोष यादव, शीलवंता यादव, शिवपूजन उपाध्याय, ओम यादव, राजेश मोदनवाल, राजू मोदनवाल ,अमित यादव, अशोक मोदनवाल, राजू वर्मा आदि रहे। इसी तरह क्षेत्र के भिखारी रामपुर में शहीदों के सम्मान में श्रंद्धाजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें सामूहिक रूप से शहीदो को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर संजुदेवी, रामदत्त मिश्र, अशोक मिश्र ,राजितराम यादव, योगेश मिश्र आदि रहे। इसी तरह गोपीगंज क्षेत्र के गोपपुर स्थित सत्संग भवन में निरंकारी समाज के लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कहा शहीदो की इस सहादत को कभी नहीं भूलाया जा सकता है। इस मौके पर सत्संग प्रभारी ताड़क, विभूति नारायण सिंह, शिव मोहन, रामलोलारख, द्वारिका प्रसाद, राकेश कुमार आदि रहे।