ज्ञानपुर। फसलों की बर्बादी रोकने के लिए जिले की ग्राम पंचायत और नगरों में अस्थायी गौशालाएं बनाई जाएंगी। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को डीएम राजेंद्र प्रसाद ने छुट्टा पशुओं को लेकर आयोजित बैठक में ईओ, डीपीआरओ और पशुपालन विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि 10 जनवरी तक शासन के निर्देश पर व्यवस्था प्रभावी करें।
डीएम ने कहा कि प्रदेश भर में छुट्टा पशुओं से फसलों के नुकसान होने पर शासन ने नगर निकाय, ग्राम पंचायत, जिला पंचायत आदि क्षेत्र में अस्थायी गौवंश आश्रय स्थलों की स्थापना करने के लिए कहा। संबंधित विभाग, ग्राम प्रधानों और जनसहभागिता से गौवंशों को आश्रय स्थल तक पहुंचाया जाएगा। 10 जनवरी से पहले व्यवस्था को पूर्ण करने के लिए कहा गया है। डीएम ने कहा कि पिपरिस में गोवंश आश्रम स्थल के लिए 50 लाख स्वीकृत हो चुका है, जल्द ही इसका निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि नगर पालिका, नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, डीपीआरओ अपने-अपने क्षेत्र में लाउडस्पीकर, डुग्गी आदि पिटवाकर जनजागरूकता के माध्यम से गौवंश, छुट्टा पशुओं को हर हाल में आश्रय स्थल तक पहुंचाएं। एसडीएम सभी कानूनगो, लेखपालों की मदद से चरागाह की सूची बीडीओ और पशुपालन विभाग को उपलब्ध करा दें। एडीओ पंचायत, डीपीआरओ, डिप्टी सीवीओ, एसडीएम अपने क्षेत्र के प्रधानों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्र में इस व्यवस्था को प्रभावी कराएं। पशुपालन विभाग आश्रय केंद्र पर पशुओं के पीने के पानी, सेड, स्वास्थ्य संबंधी अन्य इंतजाम करने की व्यवस्था करेगा। इस मौके पर सीडीओ हरिशंकर सिंह, एडीएम राम सिंह वर्मा, डीडीओ जयकेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। गौरतलब है कि सीडीओ ब्लॉक स्तर पर निरीक्षण कर इस कार्य की मॉनीटरिंग करेंगे। सात जनवरी को वह औराई ब्लॉक का मुआयना करेंगे।