ज्ञानपुर। जिला पंचायत सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में 28.48 करोड़ का पुनरीक्षित बजट प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किया गया। इसमें जिला पंचायत को 21 लाख 61 हजार का लाभ दर्शाया गया। पुनरीक्षित बजट में 23.24 करोड़ विकास पर खर्च किया जाएगा। जिससे ज्ञानपुर नगर में शिक्षक कॉलोनी का निर्माण एवं जर्जर भवन दुरुस्त किए जाएंगे, जबकि गोपीगंज में कन्या पाठशाला के जर्जर भवन के निर्माण का प्रस्ताव अनुमोदित किया गया।
सोमवार को दोपहर 12 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष काजल यादव की अध्यक्षता में 2018-19 के पुनरीक्षित बजट की बैठक शुरू हुई। दो घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने इलाकों की समस्याओं को गिनाया। सोलर लाइट, जर्जर सड़क, इंटरलॉकिंग, हैंडपंप समेत अन्य समस्याओं पर अपनी बात रखी। मुख्य विकास अधिकारी हरिशंकर सिंह ने जिला पंचायत सदस्यों की समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया। इस दौरान 2018-19 का पुनरीक्षित बजट पेश किया गया। इसमें 28 करोड़ 48 लाख 41 हजार 698 रुपये आय और 28 करोड़ 26 लाख व्यय दिखाया गया। जबकि 21 लाख 61 हजार सरप्लस दिखाया गया। इसको सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित किया। पुनरीक्षित बजट में 23 करोड़ 24 लाख विकास पर खर्च होंगे। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2019-20 का अनुमानित बजट निर्धारित किया गया। जिसमें 27 करोड़ 45 लाख आय, जबकि 27 करोड़ 31 लाख व्यय दिखाया गया।
बैठक में टीचर्स कॉलोनी ज्ञानपुर के जर्जर भवन एवं दुकान संग गोपीगंज में कन्या पाठशाला के जर्जर भवन का निर्माण करने का प्रस्ताव अनुमोदित हुआ। ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने कहा कि जिला पंचायत से हरसंभव विकास कराया जाएगा। सभी जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्र में जनहित के कार्य कराए जाएंगे। इस मौके पर बीएसए अमित कुमार, जिला पंचायत सदस्य भूपेंद्र यादव, बालाजी, हीरालाल पाल, सचिन यादव, सुरेश मिश्र, दिवाकर शुक्ला, राजितराम यादव, विष्णु स्वर्णकार, नागेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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सदस्यों ने गिनाई समस्या
ज्ञानपुर। जिला पंचायत सभागार में सोमवार को एक बार फिर जिला पंचायत सदस्य परदेशी राम ने समस्याएं गिनाईं। उन्होंने मुसहर बस्तियों में आवास आवंटन, विद्युतीकरण और जमीन न होने पर मुसहरों को जमीन आवंटन की मांग उठाई। जिपं सदस्य अखिलेंद्र सिंह बघेल ने रबी सीजन से पूर्व खराब नलकूपों को ठीक करने, खरगपुर बाही की रुकी खुदाई शुरू कराने की मांग की। कहा कि लोहरा के ट्यूबवेल में मामूली खराबी से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, जिसे ठीक किया जाए।