ज्ञानपुर। जिले में सरकारी अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे है। जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी में 30 फीसदी विशेषज्ञ चिकित्सक कम है। जिससे गंभीर रूप से बीमार मरीजों को उपचार करने की बजाए अन्यत्र रेफर कर दिया जाता है।
जिले में दो सरकारी, छह सीएचसी और 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। जहां प्रतिदिन पांच से सात हजार मरीज उपचार कराने के लिए आते हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण अक्सर गंभीर रूप से बीमार लोगों को प्रयागराज और वाराणसी रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में गरीब तबके के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ज्ञानपुर स्थित महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट समेत कई विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। जिसके कारण लाखों की मशीन धूल फांक रही है। सुरियावां सीएचसी में भी एक्सरे मशीन चार साल से पड़ी है, लेकिन उसका संचालन नहीं हो रहा। यही हाल सीएचसी गोपीगंज, डीघ, भानीपुर का है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ो पर गौर करें तो जिले में चिकित्सकों के स्वीकृृत पद 97 है जबकि वर्तमान में 67 कार्यरत है जबकि 30 चिकित्सकों की कमी है। इसी तरह 46 फार्मासिस्ट के स्थान पर 41 ही हैं। सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने कहा कि 97 के सापेक्ष 67 चिकित्सक हैं। 30 चिकित्सकों की तैनाती के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जिले में 15 साल पुराना कोई चिकित्सक नहीं है।