ज्ञानपुर जिला अस्पताल में प्रवासी का थर्मल स्क्रीनिंग करता स्वास्थ्यकर्मी।
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ज्ञानपुर। महाराष्ट्र और गुजरात से जिले में प्रवासियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। शनिवार की रात से अब तक आए 260 प्रवासियों को जंगीगंज स्थित दो शेल्टर होम में 14 दिनों के लिए क्वारंटीन किया गया। नोडल अफसरों को नाश्ता और खाने की व्यवस्था देखने के लिए निर्देशित किया गया।
कोरोना वायरस के कारण देश डेढ़ माह से लॉकडाउन है। ऐसे में देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे मजदूरों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। गृह मंत्रालय की ओर से राहत मिलने के बाद गुजरात के सूरत, अहमदाबाद, महाराष्ट्र के मुंबई आदि महानगरों से निजी साधनों से लोग घर आने लगे हैं। शनिवार की रात में सूरत और मुंबई से करीब 207 जबकि रविवार को दिन में 153 प्रवासी जिले में पहुंचे। सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। ज्ञानपुर तहसीलदार देवेंद्र यादव ने प्रवासियों को शेल्टर होम ओम उच्च शिक्षण संस्थान और रामदेव पीजी कॉलेज में क्वारंटीन किया।
उन्होंने कहा कि शेल्टर होम में खानपान की व्यवस्था बेहतर करने का निर्देश दिया। प्रवासियों के आगमन से प्रशासन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। धीरे-धीरे उनकी संख्या भी तेजी से बढ़ेगी। जिसको लेकर प्रशासन की ओर से भी तैयारी की जा रही है। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि दूसरे प्रांतों से 15 हजार प्रवासियों के आने का अनुमान है। जिसके मद्देनजर 141 शेल्टर होम बनाए गए हैं। जिसमें सौ से अधिक प्राथमिक, इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज हैं जबकि कुछ पंचायत भवनों को भी शामिल किया गया है।
198 परदेशियों की हुई थर्मल स्क्रीनिंग
ज्ञानपुर। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में रविवार को आए 91 परदेशियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। विशेषज्ञ डॉ. अशोक पारासर ने बताया कि शासन से राहत मिलने पर दूसरे प्रांतों से लोग आ रहे हैं। इससे जांच कराने के लिए लोगों की संख्या बढ़ रही है। सभी ब्लॉकों के माध्यम से करीब 107 लोगों की स्वास्थ्य जांच हुई।