मंदिर-मस्जिद के बहाने सरकारी जमीन पर नजर गड़ाए लोगों की मंशा को हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। सार्वजनिक स्थलों पर बनाए गए अवैध धार्मिक स्थलों को हटाने के हाईकोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि कोर्ट के आदेश पर सरकार हरकत में आई तो जिले में करीब 250 ऐसे धार्मिक स्थल हटाए जा सकते हैं।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जमीन की बढ़ती मांग को देखते हुए समाजसेवा का चोला पहनकर कुछ संगठन सार्वजनिक और सरकारी जमीनों पर धार्मिक स्थल स्थापित करा देते हैं। आस्था में बहकर लोग उक्त धार्मिक स्थल के आसपास पूजा-इबादत भी शुरू कर देते हैं।
प्रशासन ऐसे स्थानों से कब्जा हटाना तो चाहता है, लेकिन वह धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला मानकर शांत हो जाता है। धीरे-धीरे यह दायरा बढ़ता चला जाता है। जिले के ज्ञानपुर, भदोही, चौरी, जंगीगंज, गोपीगंज, सुभाषनगर, बाबूसराय, महराजगंज, औराई, घोसिया, सुरियावां और मोढ़ इलाके में कई मंदिर, मस्जिद के अलावा छोटे-छोटे धार्मिक स्थल बनाए गए हैं।
राजस्व विभाग के आंकड़ों में करीब 250 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां धार्मिक स्थल के नाम पर अवैध ढंग से कब्जा है। नगरीय इलाकों में कम जगह होने के कारण ऐसे मामले कम हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में ग्रामसमाज, ऊसर, चारागाह, तालाब पर ही धार्मिक स्थल बनाकर कब्जा किया गया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद प्रशासन की हलचल बढ़ गई है।