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60 घंटे की भारी बारिश में 250 मकान जमींदोज

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ज्ञानपुर। जिले में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार की रात से शुरू हुई बारिश रविवार की सुबह थम गई, लेकिन सीलन और जलजमाव से 250 से अधिक कच्चे मकान जमींदोज हो गए। सुरियावां के कुसौड़ा में मलबे में दबने से महिला समेत छह घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद महिला की हालत चिंताजनक होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। बारिश के पानी से उफनाई वरुणा के तटवर्ती क्षेत्रों में 500 एकड़ धान, उरद की फसल डूबकर नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है।
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ज्ञानपुर के जगापुर गांव में बारिश से रामसागर पाल, बरसाती, रामदास पाल, वंशीधर यादव, वंशराज यादव, बेचू पाल का कच्चा मकान गिर गया। इससे मकान में रखा भूसा, ऊपली समेत अन्य घरेलू सामान दबकर नष्ट हो गया। इसी तरह गांव की दलित बस्ती में 10 कच्चे मकान जमींदोज हो गए। सुरियावां के कुसौड़ा गांव में रविवार की सुबह पांच बजे कच्चा मकान गिर गया। इसमें एक महिला समेत छह घायल हो गए। इसमें एक महिला की हालत चिंताजनक होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। गांव निवासी हीरालाल गौतम को पिछले साल प्रधानमंत्री आवास मिला था ,जिसे वह अपनी पुश्तैनी कच्ची बखरी के बगल में बनवाया था। भोर में कच्ची बखरी भरभरा कर प्रधानमंत्री आवास पर गिर पड़ा। इससे रीता देवी (35) पत्नी विनोद गौतम, नितिन (10), निकेता (पांच), गुड्डी पुत्री हीरालाल, प्रमोद पुत्र हीरालाल मलबे में दब गए। ग्रामीणों और पुलिस के सहयोग से सभी को मलबे से बाहर निकाला गया। रीता देवी की हालत चिंताजनक होने पर जिला अस्पताल ज्ञानपुर रेफर किया गया। अभोली के गंगारामपुर गांव निवासी झुल्लूर राम बिंद, बलिराम बिंद, रमाकांत, राम बहादुर यादव, मदन लाल की साठ बीघे धान की फसल डूब गई है। ऊंज के सुधवैं गांव में शारदा देवी का दो कमरे का कच्च मकान गिरने से गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया। औराई के इटहवां गांव निवसा विजय विश्वकर्मा का कच्चा घर बारिश से भरभराकर गिर गया। उनके पास कोई भी रहने के लिए जगह न होने के कारण पड़ोसी के यहां शरण लिए है। औराई के लक्षमणिया गांव में कन्हैया लाल सरोज का दो कमरे का कच्चा मकान शनिवार की रात गिर गया। जिससे गृहस्थी का सारा सामान दबकर नष्ट हो गया। पूरा परिवार दूसरे के यहां शरण लिया है। जयरामपुर में मजार के बगल शिवकली देवी का दो कमरे का पक्का मकान जमींदोज हो गया। घोसिया बाजार के वार्ड की है, जहां तालाब एवं गड्ढे बारिश के पानी से लबालब है। इसी तरह नगीना, कल्लू, पहपट का एक कमरा गिर गया। ज्ञानपुर के तिवारीपुर गांव की दलित बस्ती बारिश से घिर गई है। गांव के हरिश्चंद्र सरोज, अनिल, सुरेश, फौजदार, गोविंदा, मुकुंद, किलोधर, सुजीत, रमई, लोदई के कच्चे मकान भरभरा कर जमींदोज हो गए। औराई के बंजारी गांव के दलित बस्ती, यादव बस्ती के जीत नारायन, राजपति यादव, जलाधर, सीताराम सरोज, रमाशंकर, सभाशंकर समेत कई ग्रामीणों का कच्चा मकान गिर गया। मलबे में गृहस्थी का सामान दबकर नष्ट हो गया। जगतपुर गांव निवासी ओमकारनाथ मिश्रा का कच्चा मकान गिर गया। कठारी बाजार निवासी बाबा शर्मा का घर गिरने से वह दूसरे के यहां रहने को विवश है। मोढ़ के बरदहवां निवासी बैजनाथ यादव का कच्चा मकान गिर गया। डीघ विकास खंड के सुजातपुर गांव निवासी गुलाब तिवारी का घर गिर गया। घनश्यामपुर गांव में भी कई लोगों का घर बारिश के सीलन से धराशायी हो गया। वहीं दूसरी ओर बारिश के पानी से उफनाई वरुणा ने सुरियावां, दुर्गागंज और मोढ़ इलाके में तटवर्ती गांव के 500 एकड़ से अधिक उरद, तिलहनी फसल को नष्ट कर दिया है। इससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गई है। धान की फसल से पानी न घटा तो उसके भी नष्ट होने का अंदेशा है।
बारिश और सीलन से मोढ़ के बनकट डीह निवासी कृपाशंकर दुबे का कच्चा घर गिर गया। सारीपुर वनवासी बस्ती में पानी भरने से लोग परेशान हो गए है। उन्हें ठौर ठिकाना नहीं मिल पा रहा है। अछवर के प्रधान प्रतिनिधि अरुण कुमार मौर्य ने बताया कि बारिश से मानिक चंद, घनशयाम, हुब लाल, कपूर, राकेश, श्यामजी, बंशीधर मौर्य, बंशराज, राम सिंह, श्याम नारायन, संतोष, गुलाब चंद, भुवर, धर्मराज, कौशल्या देवी, सभाजीत बिंद ,रमेश पाठक, भगवानी देवी, गामा देवी, खुसियाल, झन्नर, ओमप्रकाश, राजेश, शिवपूजन, छोटे लाल, शिवचंद मौर्य, साधे पासी, अनिल, रमेश, संतलाल, मोहनलाल, अवध राज का कच्चा मकान गिर गया।
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