ज्ञानपुर। जिले में झोलाछाप के खिलाफ नोटिस होते ही विभागीय खेल शुरू हो चुका है। विभाग में तैनात कर्मियों के इशारे पर नोटिस लौटने लगी है। विभाग की ओर से जारी 178 नोटिस में 25 नोटिस लौटी है। जिसमें बताया गया है कि इनका पता गलत हो गया है। वहीं 10 संचालकों ने क्लीनिक नहीं चलाने का हवाला देते हुए नोटिस का जवाब दिया है।
जिले में झोलाछाप क्लीनिक संचालकों पर लगाम लगाने के लिए सीएमओ डॉ. एसके चक ने करीब एक माह पहले 178 झोलाछाप क्लीनिक संचालकों के खिलाफ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा था। 20 दिन बीतने के बाद भी कई ने की ओर से जवाब नहीं आया है और वे विभागीय कार्रवाई से बचने की जुगत में लगे हुए हैं।
सीएमओ कार्यालय के कर्मियों के इशारे पर वे तरह-तरह के जुगत लगाकर कार्रवाई से बचने की फिराक में है। जिससे सीएमओ इनपर नकेल कसने को लेकर की जा रही कार्रवाई अभी तक बेअसर रही है।
25 नोटिस वापस होने के पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि इनका पता गलत अंकित हो गया था।
सवाल यह उठता है कि विभाग की ओर से सभी क्लीनिकों का पता पहले से था तो उसमें पता गलत कैसे हो सकता है। बताया जा रहा है कि सीएमओ कार्यालय के कर्मी ही उन्हें ऐसी सलाह दे रहे हैं। ये सब क्लीनिक संचालक नोटिस रिसीव नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा 10 ने जवाब दिया है कि हम क्लीनिक नहीं चलाएंगे, संचालित मिलने पर विभाग उचित कार्रवाई कर सकता है। बीते दिसंबर महीने में गोपीगंज क्षेत्र में एक क्लीनिक संचालक की लापरवाही से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। जांच करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग के टीम का हाथ खाली रह गया। वहीं 178 के खिलाफ नोटिस जारी की थी।