ज्ञानपुर। पवित्र सावन माह की शुरूआत 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। बड़ी संख्या में कांवड़िया प्रमुख घाटों से गंगा जल लेकर क्षेत्रीय शिवालयों और काशी विश्वनाथ में जलाभिषेक करेंगे। आस्था के महापर्व से पहले गंगा के निर्मल जल को लेकर कांवड़ियों की चिंता बढ़ रही है। जिले में तीन स्थानों पर नाले का दूषित पानी गंगा में पहुंच रहा है। जिससे कांवड़िया गंगा जल के रूप में दूषित पानी को लेकर जाएंगे।
जिले में गंगा का दायरा करीब 45 किमी परिक्षेत्र है। कटरा-कोनिया धनतुलसी से शुरू होकर बाबूसराय के पास तक दक्षिणी छोर से गंगा बहती हैं। सावन में सीतामढ़ी, सेमराध, रामपुर गंगा घाट समेत 10 घाटों से कांवड़िया जल लेकर ज्ञानपुर के हरिहरनाथ मंदिर, सेमराधनाथ, ओदारनाथ चौरी, बाबा विश्वनाथ समेत अन्य शिवालय पर जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, लेकिन घरों और कालीन कंपनियो से निकलने वाला दूषित पानी बिना ट्रीटमेंट के ही गंगा में पहुंच रहा है। केमिकलयुक्त पानी गंगा को दूषित कर रहाहहै। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को निर्मल बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन आज तक फाइलों में ही योजना टहल रही है। रविवार को हमारी टीम ने गंगा घाट में गिरने वाले नालों की पड़ताल किया। जिसमें रामपुर गंगा घाट और अवघड़नाथ मंदिर के मध्य स्थित नाला खुला मिला। यहीं से गंगा में दूषित पानी पहुंचता है। यही नहीं खमरिया और भदोही के कालीन कंपनियो से निकलने वाला दूषित पानी भी वरूणा, मोरवा और नालों से होकर गंगा में ही पहुंचता है।
भदोही नगर में करीब ढाई साल से 127.26 करोड़ की लागत से बनने वाले एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण की अब पैमाइश शुरू की गई है। स्वीकृति, पैमाइश के फेर में अभी तक इसका काम शुरू नहीं हो सका। करीब 25 एमएलडी के एसटीपी का निर्माण पिपरी, सरोई और धौरहरा में बनेगा। इससे दूषित पानी का ट्रीटमेंट कर नदियों में छोड़ा जाएगा।
भदोही नगर समेत आसपास क्षेत्र में कुल 800 औद्योगिक इकाइयां हैं। इनमें 50 के करीब डाईंग हाउस और रंगाई भट्ठे हैं। प्रतिदिन शहर में 25 एमएलडी गंदा पानी निकलता है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि जो दूषित पानी वरुणा और मोरवा में छोड़ा जाता है वही आगे चल कर गंगा नदी में पहुंच जाता है। भारी संख्या में किसान भी दूषित पानी से त्रस्त हैं क्योंकि दूषित पानी उनकी खेतों में जाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लगातार प्रभावित हो रही है।
सावन माह में अलग-अलग घाटों से करीब 25 हजार कांवड़िया गंगा जल उठाएंगे। इसमें सीतामढ़ी में करीब 12 हजार, सेमराध में 10 हजार, रामपुर घाट से सात हजार, डेरवां घाट से दो हजार और बिहरोजपुर से चार हजार कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना है। एडीएम वित्त एवं राजस्व शुभांगी शुक्ला का कहना है कि भदोही में एसटीपी की स्वीकृति मिल गई है। जिसका काम शुरू हो गया है। गोपीगंज के लिए प्रस्ताव बना है। जहां भी पानी गंगा में जा रहा है उसे दिखवाया जाएगा।