ज्ञानपुर। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्म समीक्षा बैठक में 15 से 28 फरवरी तक कुष्ठ रोगी खोज अभियान पर चर्चा की गई। कहा गया कि समाज को कुष्ठ मुक्त बनाने का आह्वान किया गया।
बताया गया कि अभियान के तहत खोजी टीम में एक महिला, एक पुरुष होंगे, जो दो वर्ष के ऊपर सभी व्यक्तियों की जांच कर पीड़ित होने की दशा में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर भेजेंगे। वहां पर रोगियों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। चमड़ी पर हल्के रंग का समलत या उभरा हुआ दाग, सूनापन, चकत्ता जिसमें पसीना न आता हो, नसों का फूलना, झनझनाहट, हाथ-पैर के तलवे में सूनापन, छालों का पड़ना, चेहरा, शरीर और कान पर गांठ, घाव जो इलाज के बाद ठीक न होते हों, घाव जिनमें दर्द न होता हो, उंगली में टेढ़ापन होने की दशा में रोगी अस्पताल पहुंच इलाज करा सकेंगे। कहा कि कुष्ट रोग से डरे नहीं इनके साथ मानवतापूर्ण व्यवहार करें। इलाज में देरी पर विकलांगता की शिकायत हो सकती है।