ज्ञानपुर। मकर संक्रांति के आगमन को देखते हुए पतंगबाजी भी जोर पकड़ने लगी है। इसके लिए दुकानदार अभी से पतंग और मांझे का स्टॉक करने में जुट गए हैं। तरह-तरह के डिजाइनों की पतंग भी बाजार में दिखने लगी हैं। वहीं प्रतिबंध के बावजूद बाजार में चाइनीज मंझे की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। चाइनीज मांझे से हादसे होते हैं, मगर इस पर पुलिस प्रशासन की नजर नहीं है। अनुमान के मुताबिक एक सीजन में 10 लाख तक का कारोबार चाइनीज मांझे का होता है।
मकर संक्रांति पर्व पर बच्चे, जवान सभी पतंगें उड़ाने का आनंद लेते हैं। सुबह से लेकर शाम तक घरों की छतों और मैदानों में पतंग उड़ाने के शौकीन उमड़ते हैं और भक्काटे की आवाज गूंजती रहती है। बाजार में मोदी छाप और अमिताभ बच्चन के तस्वीरों वाली पतंगों की मांग अधिक है। गोपीगंज नगर के पतंग व्यवसायी शंकर ने बताया कि अभी एक से लेकर 25 रुपये तक की पतंग बिक रही है। वहीं देसी मांझा 150 से 400 रुपये प्रति रील बिक रहा है जबकि चाइनीज मांझा 100 से लेकर 800 रुपये तक के हैं। देशी मांझे में जहां सूती धागे पर मांझा चढ़ाया जाता है, वहीं चीनी मांझे में प्लास्टिक के धागे पर मांझा लगाया जाता है। इससे चीनी मांझा काफी खतरनाक हो जाता है। यह आसानी से टूटता नहीं और इसकी चपेट में आनेवाला गंभीर रूप से घायल हो जाता है। यह खतरनाक चीनी मांझा कई की जान भी ले चुका है। कोर्ट से रोक के बाद भी ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही समेत अन्य बाजारों में बिक रहा है। पर्व के मद्देनजर दुकानदार स्टाक सजाने में लगे हैं। गत दो साल में चाइनीज मंझे की चपेट में आने से चार से पांच लोग घायल हो चुके हैं। एसडीएम ज्ञानपुर अमृता सिंह ने कहा कि चाईनीज मांझे की बिक्री पर रोक है। अभी तक इसकी शिकायत जिले में कहीं से मिली नहीं है। मकर संक्राति से पूर्व दुकानों की जांच की जाएगी।