गोपीगंज। नगर के प्राचीन बाबा बड़े शिव मंदिर पर सोमवार को भगवान शिव सुगंधित पुष्पों से श्रृंगार कर नीलकंठ स्वरूप में पूजा की गई। इस दौरान 108 दीपों से उनकी महाआरती उतारी गई।
सोमवार की देर रात नगर वासियों समेत अन्य जगहों से आए बड़ी संख्या में शिव भक्तों ने जूही, गेंदा, गुलाब, मंदार समेत तरह-तरह के सुगंधित पुष्पों से भगवान शिव का भव्य श्रृंगार किया। मंदिर के पुजारी ने नीलकंठ स्वरूप में भगवान शिव की 108 दीपों से महाआरती उतारी। आरती के दौरान ढोल, मृदंग,घंटा, घड़ियाल, नगाड़े समेत भक्तों की करतल ध्वनि से पूरा नगर क्षेत्र भगवान भोलेमय हो गया। आरती के बाद हर-हर महादेव की जयघोष से पूूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। मंदिर के पुजारी सुरेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि समुद्र मंथन के दौरान निकला विष शिव ने पी लिया। तभी से उनका गला नीला पड़ने से उन्हें नीलकंठ कहा जाने लगा। डॉ. एसएन प्रसाद की ओर से प्रसाद वितरण किया गया। वहीं आरती में पहुंचे गरीबों और असहायों को कंबल वितरित किया गया। इस मौके पर बृजेश गुप्ता, मनीष गुप्ता, दुष्यंत कुमार, विनीत मिश्रा, सतीश गुप्ता आदि रहे।