ज्ञानपुर। दस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली सर्द हवाओं ने कंपकंपी छुड़ा दी। पारा तेजी से लुढ़का और जिले का न्यूनतम तापमान आठ डिग्री तक लुढ़क गया। जबकि अधिकतम तापमान 22 डिग्री रहा। शुक्रवार इस सीजन में अब तक का सबसे ठंडा दिन महसूस किया गया। इस दौरान लोग ठंड से बचने के लिए जगह-जगह अलाव का सहारा लेते दिखे।
शुक्रवार को दिन की शुरुआत हुई तो आसमान साफ था। हल्की हवाओं से सुबह की ठंड तेजी पकड़ रही थी। लेकिन, थोड़ी ही देर बाद हवाओं की रफ्तार बढ़ गई और सूर्यदेव की धूप नाकाफी साबित होने लगी। हवाओं के चलते दिन में भी लोग गलन से बेहाल रहे। सुबह-शाम जगह-जगह अलाव जलाए गए और लोग ठंड से निपटते दिखे। शुक्रवार को जिले का न्यूनतम तापमान आठ डिग्री पहुंच गया। यह इस सीजन में अब तक का सबसे कम तापमान रहा। इससे ठंड में लोग बेहाल रहे। ठंड का असर बढ़ने के साथ ही सामान्य जनजीवन बेपटरी हो गया है। गलन का ही असर रहा कि शुक्रवार को शाम छह बजे के बाद ही सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा। इससे वाहनों का दबाव कम हो गया और लोग घरों में दुबक गए।
ठंड से वृद्धा की गई जान
महाराजगंज। औराई कोतवाली अंतर्गत विक्रमपुर गांव में एक वृद्धा की ठंड लगने से मौत हो गई। खेतल नट (80) को बृहस्पतिवार की रात ठंड लगने से तबीयत खराब हो गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, तब तक उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों को दिखाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया। वह अपने परिवार के साथ विक्रमपुर मत्स्य विभाग के पोखरे पर घर बनाकर रहती थी।