गोपीगंज। नगर स्थित उप डाकघर में मंगलवार को सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब सफाईकर्मी राजनाथ के ऊपर जर्जर छत का मलबा गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के लिए कर्मी को निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद कामकाज आगे बढ़ सका। उधर जीर्ण-शीर्ण हो चुके भवन में जान जोखिम में डालकर काम न करने को लेकर एकजुट हुए कर्मचारियों ने भवन बदलने की आवाज मुखर कर दी है।
नगर का उपडाकघर वर्षों से किराए के भवन में चल रहा है, जो अब जर्जर अवस्था में पहुंच कर कर्मचारियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। आए दिन भवन के छत का मलबा कर्मचारियों को घायल करने में भूमिका निभाता है। जबकि नगरीय क्षेत्र होने से डाक उपभोक्ताओं की भी संख्या बहुत अधिक है। वहां पहुंच कर लोग विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में जुटे रहते हैं। कर्मचारियों के साथ ही उपभोक्ताओं को भी भवन की जर्जरता किसी अप्रिय घटना को लेकर शंका सताती है। यह तो एक बानगी भर है बरसात के दिनों में तो जो स्थिति होती है वह कर्मचारी ही समझ सकते हैं। छत से बहने वाला पानी भवन के अंदर गिरता है और चापड़ झरते रहते हैं। पानी से विभागीय अभिलेखों, कंप्यूटर, प्रिंटर, डाक टिकट, कैश, चिट्ठी-पत्री भींग कर बर्बाद हो जाते हैं। बावजूद इसके मंडलीय अधिकारी मामले को नजरंदाज कर हादसे को बढ़ावा देते आ रहे हैं।
गोपीगंज। डाककर्मी के ऊपर छत का मलबा गिरने और जर्जर भवन को बदलने की आवाज मुखर करते हुए कर्मचारी प्रियांशु, नागेंद्र मौर्य, अमरचंद ,शैलेंद्र उपाध्याय, बोधाई राम, अवध नारायण आदि ने चेतावनी दी है कि यदि बरसात के पहले मामले की गंभीरता को देख विभागीय उच्चाधिकारियों ने भवन बदलने का निर्णय न लिया जा सका तो कार्य बहिष्कार किया जाएगा। डाकपाल रामअवतार ने नाराज कर्मचारियों को मनाकर कामकाज शुरू कराया।